Union Budget 2026 Top Announcements: रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026 हुआ. यह निर्मला सीतारमण का लगातार 9वां बजट रहा. वित्त मंत्री ने घरेलू निर्माण, निवेश, रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा और सामाजिक समावेशन को केंद्र में रखते हुए सरकार की नई आर्थिक रूपरेखा सामने रखी. उन्होंने कहा कि सरकार बीते 12 वर्षों से आर्थिक मजबूती की दिशा में लगातार काम कर रही है और अब देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा रहा है.
टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव और छोटे करदाताओं को राहत
बजट 2026-27 में छोटे करदाताओं के लिए नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया का प्रस्ताव रखा गया है. नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल से लागू होगा. टैक्स फॉर्म आसान होंगे, मुकदमेबाजी घटेगी और पेनाल्टी की जगह टैक्स भरकर राहत मिलेगी. न्यूनतम वैकल्पिक कर को अंतिम कर बनाया जाएगा और इसकी दर 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत की जाएगी. अघोषित आय की सीमा एक करोड़ रुपये तय की गई है और 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल करने की सुविधा होगी.
शेयर बाजार में भूचाल, बजट के बाद सेंसेक्स धड़ाम
बजट पेश होते ही शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई. सेंसेक्स 1600 अंक से ज्यादा टूटकर 80804 अंक पर आ गया. निवेशकों में घबराहट दिखी और बाजार पर बजट का नेगेटिव असर साफ नजर आया.
क्या होगा महंगा और क्या सस्ता
बजट के बाद खनिज, स्क्रैप, शराब और वायदा कारोबार महंगे होंगे. वहीं कैंसर और शुगर से जुड़ी दवाइयां, 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां, सोलर एनर्जी से जुड़ी वस्तुएं, चमड़ा और कपड़ा निर्यात, जूते, बैट्री, माइक्रोवेव ओवन और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई उत्पाद सस्ते होंगे.
रेल, जल और खनिज कॉरिडोर से बदलेगा देश का नक्शा
देश में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे जिनमें मुंबई पुणे, पुणे हैदराबाद, हैदराबाद बेंगलुरु, हैदराबाद चेन्नई, चेन्नई बेंगलुरु, दिल्ली वाराणसी और वाराणसी सिलीगुड़ी शामिल हैं. इसके साथ 20 नए जल मार्ग विकसित किए जाएंगे. ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में डेडिकेटेड रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर बनाए जाएंगे.
सेमीकंडक्टर और इंडस्ट्रियल हब पर सरकार का फोकस
भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. घरेलू कैपिटल गुड्स और सप्लाई चेन मजबूत की जाएगी. प्रमुख औद्योगिक लॉजिस्टिक केंद्रों के आसपास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप स्थापित होंगी. तीन केमिकल पार्क भी बनाए जाएंगे.
टूरिज्म और लोकल रोजगार को नई रफ्तार
पूर्वोदय राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा और 4000 ई-बस की व्यवस्था होगी. 15 पुरातात्विक स्थलों को वाइब्रेंट डेस्टिनेशन बनाया जाएगा. डिजिटल नॉलेज ग्रिड पर टूरिस्ट साइट्स की जानकारी उपलब्ध होगी. ट्रेकिंग और हाइकिंग को बढ़ावा दिया जाएगा. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनेगा.
शिक्षा, युवा और महिलाओं पर विशेष जोर
हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा ताकि STEM शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़े. 15,000 माध्यमिक विद्यालयों में कंटेंट लैब स्थापित होंगी. लखपति दीदी कार्यक्रम का विस्तार होगा और सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट स्थापित किए जाएंगे.
एमएसएमई और निवेश को मिलेगा नया सपोर्ट
एसएमई सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड बनाया जाएगा. एमएसएमई की मदद के लिए कॉरपोरेट मित्रों का दस्ता तैयार होगा. कॉरपोरेट बॉन्ड पर टोटल रिटर्न स्वैप पेश होंगे. म्युनिसिपल बॉन्ड पर 1000 करोड़ से ज्यादा जारी करने वाले शहरों को 100 करोड़ का इंसेंटिव मिलेगा.
विकसित भारत का रोडमैप
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति तीन कर्तव्यों पर आधारित है. उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना. लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना. और हर परिवार तक संसाधनों की पहुंच सुनिश्चित करना.
बजट 2026 एक मल्टी सेक्टर फोकस वाला बजट है जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, हेल्थ, टूरिज्म और निवेश को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है. जहां एक ओर दवाओं और जरूरी उत्पादों को सस्ता कर आम जनता को राहत दी गई है वहीं टैक्स सिस्टम और निवेश ढांचे को बदलकर लॉन्ग टर्म ग्रोथ की नींव रखी गई है. हालांकि शेयर बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया ने यह भी दिखा दिया है कि बजट के असर का असली मूल्यांकन आने वाले दिनों में ही साफ होगा.