पटना बनेगा वॉटरवे हब
पटना में शिप रिपेयरिंग इकोसिस्टम बनने से अब जहाजों और मालवाहक जहाजों की मरम्मत के लिए दूसरे राज्यों या समुद्री बंदरगाहों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि परिवहन के खर्च में भी भारी कमी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस केंद्र के बनने से पटना पूर्वी भारत में जल परिवहन का एक प्रमुख तकनीकी केंद्र बनकर उभरेगा।
रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर
बजट में केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार इन केंद्रों के साथ तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान भी शुरू करेगी।शिपिंग इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे बिहार के युवाओं के लिए हाई-टेक सेक्टर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।
बिहार को मिली अन्य प्रमुख सौगातें
शिप रिपेयरिंग सेंटर के अलावा, बजट 2026 में बिहार के लिए कई और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का रास्ता साफ हुआ है, वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल, यह कॉरिडोर बिहार के बक्सर, आरा, पटना और किशनगंज जैसे जिलों से होकर गुजरेगी। गर्ल्स हॉस्टल, राज्य के हर जिले में छात्राओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है। सड़क संपर्क, नए एक्सप्रेस-वे और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स के जरिए उत्तर और दक्षिण बिहार को और मजबूत किया जाएगा।
यह बजट बिहार को पुरवोदय योजना के तहत विकास की मुख्यधारा में लाने का एक ठोस रोडमैप पेश करता है। गंगा के किनारे बसने वाले जिलों के लिए यह योजना आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोलेगी।