UP: उत्तर प्रदेश में पतंगबाजी के शौकीनों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले जानलेवा चीनी मांझे सिंथेटिक मांझा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि अब राज्य में चीनी मांझे के कारण होने वाली किसी भी व्यक्ति की मौत को महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या की श्रेणी में रखा जाएगा।
दोषियों पर लगेगा 302 का शिकंजा
मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि यदि चीनी मांझे की वजह से कोई जान जाती है, तो इसके निर्माण, बिक्री और वितरण में शामिल लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। सरकार का मानना है कि जब इस उत्पाद पर पहले से प्रतिबंध है, तो इसे बेचना जानबूझकर किसी की जान जोखिम में डालने जैसा है।
पूरे प्रदेश में व्यापक छापेमारी के निर्देश
सीएम योगी ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को पूरे उत्तर प्रदेश में सख्त कार्रवाई और व्यापक छापेमारी के आदेश दिए हैं। बाजारों और गोदामों में सघन तलाशी ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध रूप से चीनी मांझा बिकता पाया गया, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस अभियान की प्रगति की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी।
क्यों लगा प्रतिबंध
चीनी मांझा जो नायलॉन और कांच के मिश्रण से बना बेहद मजबूत और धारदार होता है। यह आसानी से नहीं टूटता, जिसके कारण हर साल दर्जनों लोग विशेषकर बाइक सवार गले कटने से अपनी जान गंवा देते हैं। साथ ही, हजारों बेजुबान पक्षी भी इसका शिकार होकर दम तोड़ देते हैं।
योगी सरकार के इस फैसले से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचना तय है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस जानलेवा धागे का उपयोग न करें और पर्यावरण के अनुकूल सूती धागे का ही प्रयोग करें।