BREAKING: पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा क्योंकि कोलकाता में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर मुख्यमंत्री पद के लिए अंतिम मुहर लग गई। गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं उनके नाम की घोषणा की जिसका सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने एक स्वर में समर्थन किया। बैठक के पश्चात शुभेंदु अधिकारी ने लोकभवन जाकर राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात की और विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर आधिकारिक तौर पर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।
रवींद्र जयंती के शुभ अवसर पर होगा शपथ ग्रहण समारोह
9 मई को सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। यह दिन बंगाल के लिए सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कल रवींद्र जयंती मनाई जाएगी। राज्य की पहली भाजपा सरकार के इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और कई राज्यों के मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे। चर्चा है कि भवानीपुर से ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ ले सकते हैं।
राज्यपाल ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत भंग की पुरानी विधानसभा
इससे पहले बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने 7 मई को ही राज्य विधानसभा को भंग कर दिया था। कोलकाता गजट में जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत यह कदम उठाया गया था। विधानसभा भंग होने के साथ ही नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया था। अब बंगाल में सत्ता परिवर्तन की औपचारिक घोषणा के साथ ही नए राजनीतिक युग की शुरुआत होने जा रही है।
सांस्कृतिक और राजनीतिक परिवर्तन का नया अध्याय
शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री पद तक का सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। नंदीग्राम और भवानीपुर जैसे गढ़ों में तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने के बाद अब वह बंगाल की कमान संभालने जा रहे हैं। कल होने वाले कार्यक्रम के लिए ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शपथ ग्रहण के इस शुभ अवसर पर रवींद्र जयंती का मेल बंगाल के लोगों के लिए एक विशेष संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है जो राज्य की संस्कृति और विकास के नए समीकरण को दर्शाएगा।