सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ेंगे युवा
समारोह के अध्यक्ष मनोरंजन हेम्ब्रम ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आज के आधुनिक दौर में शहरों में पढ़ रहे आदिवासी छात्र-छात्राओं को अपनी जड़ों, विशेषकर हो समाज की कला, रीति-रिवाज और हासा-भाषा मिट्टी और भाषा के प्रति जागरूक करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कोल्हान प्रमंडल के विभिन्न जिलों और महाविद्यालयों से सैकड़ों छात्र-छात्राएं अपनी पारंपरिक वेशभूषा में जुटेंगे, जो न केवल मनोरंजन बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक होगा।
धार्मिक अनुष्ठान और मिस्टर-मिस मागे का आकर्षण
8 फरवरी को उत्सव की शुरुआत दोपहर 12 बजे पारंपरिक विधि-विधान के साथ होगी। दिऊरी मार्शल आल्डा, मंगल सिंकु और रोहित सिंकु के नेतृत्व में देशाऊली में मगे बोंगा की पूजा संपन्न की जाएगी। शाम के सत्र में मुख्य आकर्षण मिस्टर एवं मिस मागे प्रतियोगिता होगी। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को अपने पारंपरिक परिधानों को गर्व के साथ अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके अलावा, बेस्ट ड्रेस कोड के लिए विशेष पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
कार्यक्रम की समय-सारणी
12:00 PM – 03:00 PM मगे बोंगा पूजा देशाऊली में पारंपरिक पूजा 03:00 PM मुख्य अतिथि प्राचार्य व विशिष्ट अतिथियों का आगमन 04:30 PM सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं महाप्रसाद वितरण 07:00 PM मिस्टर एवं मिस मागे प्रतियोगिता पारंपरिक वेशभूषा 08:00 PM समारोह का विधिवत समापन ।
प्रमुख बुद्धिजीवियों का होगा जुटान
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ यह मंच बौद्धिक चर्चा का भी केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और समाज के प्रबुद्ध वर्ग शिक्षा और समाज के भविष्य पर अपने विचार साझा करेंगे।
समारोह को सफल बनाने में अध्यक्ष मनोरंजन हेम्ब्रम, सचिव महेश हेम्ब्रम, कोषाध्यक्ष गुमन सरदार सहित उदेश सोरेन, जीतमोहन गोप और हरिनारायण होनहागा सक्रिय हैं। कार्यक्रम को कॉलेज के छात्रावास अधीक्षक फ्लोरेंस बेक और प्रो. संजीव कुमार बिरुली जैसे वरिष्ठ शिक्षकों का संरक्षण प्राप्त है। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से राजू मूर्मु, फागु हेम्ब्रम, समीर मुंडा और दिनेश सरदार सहित छात्रावास के दर्जनों छात्र उपस्थित थे।