Ranchi Crime News: तमाड़ थाना क्षेत्र के तालाडीह गांव में सामने आया एक सनसनीखेज हत्याकांड अब पूरी तरह से साजिश का मामला साबित हो गया है. जिस मौत को पहले घरेलू हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल पहले से रची गई हत्या थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत आग से नहीं बल्कि सिर में गोली लगने से हुई थी.
शव मिलने के बाद बदली जांच की दिशा
एक फरवरी को एतवारी कुमारी का शव उसके ही घर के चूल्हे में जला हुआ मिला था. शुरुआत में यह मामला आग से झुलसने की घटना माना गया. लेकिन दो फरवरी को आई मेडिकल रिपोर्ट ने सच्चाई सामने ला दी और जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई.
देवर निकला मुख्य साजिशकर्ता
एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने छापेमारी कर छह लोगों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में मृतका के देवर सोनाराम लोहरा ने अपराध स्वीकार किया. उसने बताया कि उसे शक था कि उसकी भाभी जादू-टोना जानती है और उसी ने उसके दो बच्चों को नुकसान पहुंचाया है. इसी सोच के चलते उसने हत्या की योजना बनाई.
दो लाख की सुपारी में तय हुई हत्या
सोनाराम ने अपने साले अमित लोहरा की मदद से बुण्डू निवासी शूटर विष्णु महतो से संपर्क किया. हत्या के बदले दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ. एक फरवरी की शाम विष्णु महतो अपने साथी बबलू महतो के साथ एतवारी के घर पहुंचा और वहां मौजूद अन्य आरोपियों के सामने गोली मार दी गई.
सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को चूल्हे की आग में डाल दिया ताकि यह हादसा लगे. उनका मकसद पुलिस और गांव वालों को गुमराह करना था. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे षड्यंत्र को उजागर कर दिया.
इस घटना ने अंधविश्वास और हिंसा के खतरनाक परिणाम को फिर सामने ला दिया है. पुलिस की जांच से साफ है कि शुरुआती साक्ष्यों पर भरोसा करने के बजाय वैज्ञानिक जांच कितनी जरूरी है. यह मामला समाज में जागरूकता और कानून के सख्त पालन की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है.