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  • 2026-02-06

Jamshedpur Kairav Kidnapping Case : कैरव गांधी अपहरण कांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, इंडोनेशिया से फिरौती की साजिश का खुलासा, ओएलएक्स से खरीदी गई थी स्कॉर्पियो

Jamshedpur : जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित सीएच एरिया से युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़े और सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। 13 जनवरी को अपराधियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कैरव गांधी का अपहरण किया था, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया था।


26 जनवरी को छोड़ा गया अपहृत


लगातार पुलिस दबाव और कार्रवाई के बीच अपहरणकर्ताओं ने 26 जनवरी की रात अपहृत कैरव गांधी को हजारीबाग जिले के चौपारण-बरही सीमा के पास छोड़ दिया था। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क को खंगालते हुए जांच तेज कर दी।

पंजाब कनेक्शन: मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी

पुलिस ने इस अपहरण कांड के मास्टरमाइंड पंजाब के लुधियाना जिले के कोटमाना निवासी तेजिंदर पाल सिंह उर्फ सरदार जी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उसी के निर्देश पर अपहरण की पूरी साजिश रची गई थी और फंडिंग भी उसी ने की थी।

मुठभेड़ में घायल आरोपी से हुआ खुलासा

इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस मुठभेड़ में घायल और गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद इमरान उर्फ आमिर ने पूछताछ के दौरान किया। इमरान नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के सिरहारी गांव का निवासी है। उसने बताया कि इस अपहरण कांड में कुल 12 लोग शामिल थे।

मानगो में बनी थी अपहरण की साजिश

इमरान के अनुसार, अपहरण की योजना जमशेदपुर के मानगो इलाके में तैयार की गई थी। वाहन खरीदने के लिए चार लाख रुपये तेजिंदर पाल सिंह ने उपलब्ध कराए थे। अपहरण के बाद तेजिंदर पाल और उसका करीबी साद आलम इंडोनेशिया फरार हो गए थे, जहां से वे परिजनों से फिरौती के लिए संपर्क कर रहे थे।

डेढ़ साल से चल रही थी तैयारी

पूछताछ में सामने आया कि साद आलम के जरिए इमरान की पहचान तेजिंदर पाल से हुई थी। बीते डेढ़ साल में तेजिंदर पाल कई बार बिहार के गया, राजगीर, बोधगया और पटना आया-जाया करता रहा और पूरे गिरोह पर खर्च करता था। छह-सात महीने पहले बड़े उद्यमी के अपहरण की योजना को अंतिम रूप दिया गया।

हथियार, स्कॉर्पियो और एडवांस रकम

इमरान ने बताया कि अपहृत को 10 से 15 दिन तक रखने का खर्च, हथियारों की व्यवस्था और पुरानी स्कॉर्पियो खरीदने का निर्देश तेजिंदर पाल ने ही दिया था। गिरोह को डेढ़ लाख रुपये नकद और सिम लगा स्मार्टफोन भी दिया गया था।

ओएलएक्स से खरीदी गई स्कॉर्पियो

अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो ओएलएक्स वेबसाइट के जरिए पटना के अगमकुआं निवासी मोहन कुमार से खरीदी गई थी। मोटी रकम के लालच में वाहन सौदा तय हुआ और एक लाख रुपये तत्काल दिए गए थे।

छह आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

पुलिस ने 27 और 28 जनवरी को बिहार के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस अपहरण कांड में पंजाब, बिहार और झारखंड से जुड़े कई अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है। फिलहाल अधिकांश आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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