Jharkhand Weather Update: झारखंड में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट ली है. राज्य में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सर्द हवाएं तेज हो गई हैं, जिससे तापमान सामान्य से नीचे चला गया है. स्थिति यह है कि कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे दर्ज किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार यह ठंडा दौर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा और 9 फरवरी से राज्य में बादल छाने लगेंगे.
मौसम में अचानक बदलाव
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री तक नीचे चला गया है. रांची और जमशेदपुर को छोड़ अधिकतर जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है. सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है और सुबह-शाम ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है.
पश्चिमी विक्षोभ बना कारण
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि 9 फरवरी को देश के उत्तरी हिस्से में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है. इसी कारण झारखंड के मौसम में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि बादल छाने के बाद जब आसमान साफ होगा, तब तापमान में फिर गिरावट आएगी और ठंड का असर और बढ़ेगा.
अगले चार दिन का हाल
मौसम विभाग के अनुसार 9 फरवरी से राज्य में बादल छाए रहेंगे और यह स्थिति अगले चार दिन तक बनी रह सकती है.
हालांकि:
- अगले 24 घंटे में तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है
- सर्द हवा जारी रहेगी
- बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है
- सुबह के समय कई जिलों में कुहासा छा सकता है
रांची का तापमान
राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री और अधिकतम 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है.
जिलों में न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस)
- गुमला: 5.0
- खंटी: 5.7
- सिमडेगा: 6.9
- मेदिनीनगर: 7.1
- हजारीबाग: 8.6
- सरायकेला: 8.6
- पाकुड़: 9.6
- लोहरदगा: 9.8
तेजी से गिरे तापमान ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है. सुबह-शाम की ठंड से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है. कई इलाकों में लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं.
पश्चिमी विक्षोभ ने एक बार फिर झारखंड के मौसम को अस्थिर बना दिया है. लगातार बदलती मौसमी परिस्थितियां न केवल स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा रही हैं, बल्कि सामान्य जीवन पर भी असर डाल रही हैं. आने वाले दिनों में बादल और कुहासा ठंड के इस दौर को और कठिन बना सकते हैं.