Seraikela News: सरायकेला जिले के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत बड़ाम थान के पास सरकारी अनाज से लदे एक मालवाहक वाहन के देखे जाने से हड़कंप मच गया है. वाहन संख्या JH05CJ6722 में लगभग 173 बोरी सरकारी अनाज लदा था, लेकिन गाड़ी पर खाद्य आपूर्ति विभाग का अनिवार्य बैनर या कोई पहचान चिन्ह मौजूद नहीं था. स्थानीय पत्रकारों द्वारा रोके जाने पर चालक भरत ने बताया कि वह अनाज को गम्हरिया गोदाम से निर्धारित गंतव्य तक ले जा रहा था, हालांकि विभागीय पहचान न होने से कालाबाजारी का संदेह गहरा गया है.
नियमों की अनदेखी और पारदर्शिता पर सवाल
खाद्य आपूर्ति विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि डोर-स्टेप डिलीवरी में लगे हर वाहन पर विभागीय बैनर होना अनिवार्य है ताकि परिवहन में पारदर्शिता बनी रहे. बिना किसी पहचान के अनाज की ढुलाई करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है. स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासनिक शह के बिना इस तरह की अनियमितता संभव नहीं है, जिससे सरकारी राशन के सुरक्षित वितरण पर सवाल उठ रहे हैं.
गम्हरिया गोदाम का पुराना विवादित इतिहास
गम्हरिया का अनाज गोदाम पहले भी कई गंभीर विवादों के कारण सुर्खियों में रहा है. पूर्व में सहायक गोदाम प्रबंधक की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से हुई मौत और भ्रष्टाचार के आरोपों ने विभाग की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाए थे. अब नए गोदाम और विवादित ट्रांसपोर्टरों की भूमिका को लेकर फिर से वही स्थिति बनती दिख रही है. स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.