Jamshedpur News: चक्रधरपुर रेल मंडल में मालगाड़ियों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण यात्री ट्रेनों के लगातार विलंब से चलने का मुद्दा अब राष्ट्रपति तक पहुंच गया है. जुगसलाई निवासी सरवन कुमार देबुक ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र भेजकर इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों का समय पर संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है.
मालगाड़ियों को प्राथमिकता, यात्री बेहाल
सरवन कुमार देबुक ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि टाटानगर और चक्रधरपुर मंडल में मालगाड़ियों के परिचालन के लिए यात्री ट्रेनों को जानबूझकर रोका जाता है. इससे रोजाना हजारों यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
सलाहकार समिति की बैठक में भी उठा मुद्दा
टाटानगर और चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों के विलंब का मामला रेलवे सलाहकार समिति की बैठक में भी उठ चुका है. छोटा नागपुर पैसेंजर एसोसिएशन के प्रतिनिधि ने इस विषय को प्रमुखता से रखा था, जिस पर रेलवे ने लाइन पर कार्य चलने का हवाला देकर देरी को तकनीकी कारण बताया था.
सोशल मीडिया पर रोज शिकायतें, नहीं हो रही सुनवाई
हावड़ा-मुंबई मार्ग और टाटानगर से गुजरने वाली ट्रेनों के विलंब को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिदिन दर्जनों शिकायतें सामने आ रही हैं. यात्रियों का आरोप है कि रेलवे मालगाड़ियों के संचालन को प्राथमिकता देकर यात्री ट्रेनों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है.
लेट ट्रेनें और ज्यादा देर से रवाना
यात्रियों का कहना है कि जो ट्रेनें पहले से लेट चल रही होती हैं, उन्हें बदले हुए समय से भी देर से रवाना किया जाता है. इसके साथ ही लाइन ब्लॉक का हवाला देकर कई ट्रेनों को रद्द किया जाता है या उनकी परिचालन दूरी में कटौती कर दी जाती है.
यात्रियों पर सीधा असर
ट्रेनों के अनियमित परिचालन से छात्र, नौकरीपेशा और मरीजों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इससे न केवल उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है, बल्कि रेलवे की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है.
चक्रधरपुर मंडल में यात्री ट्रेनों की लगातार देरी यह दर्शाती है कि रेलवे का झुकाव राजस्व आधारित माल परिवहन की ओर अधिक है, जबकि आम यात्रियों की सुविधा गौण होती जा रही है. यदि इस असंतुलन को शीघ्र नहीं सुधारा गया, तो जनता का भरोसा रेलवे प्रणाली से कमजोर पड़ सकता है.