Palamu: पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड अंतर्गत झारिवा गांव में रविवार सुबह जंगली हाथी के हमले से इलाके में हड़कंप मच गया। इस हमले में गांव के ही रहने वाले नरेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
नरेश सिंह को आई गंभीर चोट
मिली जानकारी के अनुसार, नरेश सिंह रविवार की सुबह करीब 5 बजे गांव के तालाब की ओर मछली देखने गए थे। इसी दौरान अचानक पीछे से एक जंगली हाथी आ पहुंचा। इससे पहले कि नरेश कुछ समझ पाते, हाथी ने उन्हें अपनी सूंड़ में उठाया और लगभग 30 फीट दूर पटक दिया। इस हमले में नरेश सिंह को गंभीर चोटें आई हैं।
दंपति बाल-बाल बचे
घटना के समय उनके साथ मौजूद एक दंपति बाल-बाल बच गया। हाथी के हमले के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। घायल नरेश सिंह को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदिनी नगर रेफर कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने ली राहत की सास
हमले के बाद जंगली हाथी गांव के भीतर घुस गया और पंचायत समिति सदस्य साखों देवी के घर तक पहुंच गया। हाथी को गांव से भगाने के लिए ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाई और ट्रैक्टर का साइलेंसर खोलकर इंजन स्टार्ट कर दिया। तेज शोर होने के कारण हाथी वहां से भाग निकला, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
कुल तीन जंगली हाथियों का विचरण
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास दो अन्य हाथियों के भी पगचिह्न मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में कुल तीन जंगली हाथी विचरण कर रहे हैं। इस वजह से गांव में भय और दहशत का माहौल है।
वन विभाग को दी गई घटना की सूचना
वन समिति के सदस्य अरविंद सिंह ने बताया कि घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। वहीं वनपाल अजय पांडे ने कहा कि घायल ग्रामीण का समुचित इलाज कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि नरेश सिंह को बेहतर इलाज के लिए मेदिनी नगर भेजा गया है.
ग्रामीणों ने वन विभाग से की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही छात्र सांसद के सतबरवा प्रतिनिधि अनिल सिंह सहित अन्य समाजसेवी गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को भगाने और गांव की सुरक्षा के लिए आवश्यक संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।