Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-02-09

Jamshedpur Breaking: JNAC अवैध निर्माण मामले में हाईकोर्ट ने एक प्रतिवादी को दी अंतरिम राहत

Jamshedpur Breaking: जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) क्षेत्र में अवैध निर्माण और नक्शा विचलन से जुड़े बहुचर्चित मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने एक प्रतिवादी को अंतरिम राहत दी है. चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने प्रतिवादी संख्या 13 कहकश नाहिद के भवन पर तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि 9 मार्च तय की है.

सुनवाई के दौरान प्रतिवादी संख्या 13 की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन्हें हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला था. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में कई प्रतिवादियों के लिए यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है. इसी आधार पर उन्होंने भवन तोड़ने पर रोक लगाने की मांग की.

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रतिवादी संख्या 13 के अवैध निर्माण पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं करने और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया. इसके साथ ही मामले को अगली सुनवाई के लिए 9 मार्च की तिथि निर्धारित की गई.

प्रार्थी राकेश कुमार झा की ओर से अधिवक्ता निरंजन कुमार ने पक्ष रखते हुए हाईकोर्ट के 14 और 28 जनवरी 2026 को पारित आदेशों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि पूर्व में कोर्ट ने अवैध निर्माण को लेकर सख्त निर्देश दिए थे, जिन्हें प्रभावी रूप से लागू किया जाना जरूरी है.

यह मामला 14 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट द्वारा पारित उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें तीन अधिवक्ताओं की समिति की रिपोर्ट के आधार पर JNAC को अवैध भवनों को तोड़ने का निर्देश दिया गया था. इसके बाद 28 जनवरी को प्रतिवादियों द्वारा दायर आवेदनों को कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इन दोनों आदेशों को राकेश कुमार झा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

हाईकोर्ट ने राकेश कुमार झा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए JNAC को सभी 24 प्रतिवादियों के अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश दिया था. प्रतिवादियों ने इस आदेश में संशोधन और तोड़फोड़ पर रोक की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने यह कहते हुए उनकी अर्जी खारिज कर दी थी कि अवैध निर्माण किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस दृष्टिकोण का समर्थन किया था.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !