Jharkhand News: मधुपुर (देवघर) नगर परिषद के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के बकाया सेवानिवृत्ति लाभ को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. यह मामला एक ऐसे कर्मचारी से जुड़ा है, जिनका अब निधन हो चुका है, लेकिन वर्षों बाद भी उनके सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान नहीं हो पाया है.
हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए मंगलवार को नगर विकास विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान करने में सक्षम नहीं
कोर्ट ने नगर विकास सचिव से यह स्पष्ट करने को कहा है कि यदि मधुपुर नगर परिषद आर्थिक रूप से सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान करने में सक्षम नहीं है, तो क्या यह राशि नगर विकास विभाग द्वारा दी जा सकती है.
दरअसल, मृतक कर्मचारी के पुत्रों की ओर से हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है. बताया गया कि मृतक शंभू कांत दुबे मधुपुर नगर परिषद में टैक्स कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हुए थे. इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला सेवानिवृत्ति लाभ अब तक नहीं दिया गया है.
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अंजनी कुमार वर्मा ने अदालत में पक्ष रखते हुए बताया कि मधुपुर नगर परिषद ने असमर्थता जताते हुए नगर विकास विभाग से राशि आवंटन का अनुरोध किया है. उल्लेखनीय है कि शंभू कांत दुबे का निधन वर्ष 2020 में हो गया था, लेकिन उनके परिवार को अब तक उनका हक नहीं मिल सका है.
हाई कोर्ट अब इस मामले में नगर विकास सचिव के जवाब के बाद आगे का निर्णय लेगा.