जिले में मछली पालकों के पंजीकरण को लेकर पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इस संबंध में मत्स्य प्रसार पदाधिकारी अभय गुप्ता ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य मत्स्य व्यवसाय को संगठित, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनाना है, ताकि लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि जिले को कुल 9000 डिजिटल रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य मिला है, लेकिन अब तक केवल 3971 लोगों का ही पंजीकरण हो सका है। लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए लगातार विभिन्न पंचायतों में रजिस्ट्रेशन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
सीएससी में नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन
मत्स्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना डिजिटल रजिस्ट्रेशन के किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। मछली पालन से जुड़े लोग कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज—
आधार कार्ड
बैंक खाता विवरण
मोबाइल नंबर (आधार से लिंक अनिवार्य)
प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना का लाभ
डिजिटल रजिस्ट्रेशन के तहत प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत मछली पालकों को डिजिटल पहचान पत्र प्रदान किया जा रहा है। इसके माध्यम से उन्हें संस्थागत वित्तीय सहायता, सब्सिडी एवं अन्य सरकारी सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
प्रखंडवार रजिस्ट्रेशन की स्थिति
जिले में अब तक हुए रजिस्ट्रेशन इस प्रकार हैं—
अधौरा – 1,006
कुदरा – 455
भगवानपुर – 520
चांद – 246
रामपुर – 301
रामगढ़ – 251
मोहनियां – 233
चैनपुर – 134
दुर्गावती – 102
नुआंव – 93
अब तक सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन अधौरा प्रखंड में दर्ज किए गए हैं, जबकि सबसे कम नुआंव प्रखंड में हुए हैं।
विभाग की अपील
मत्स्य विभाग ने जिले के सभी मछली पालकों एवं मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों से शीघ्र रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है, ताकि वे सरकार की योजनाओं, वित्तीय सहायता और डिजिटल सुविधाओं का पूरा लाभ उठा सकें।