Giridih: जमुआ थाना क्षेत्र के मिर्जागंज गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कोयंबटूर सीआईडी की एक विशेष टीम ने छापेमारी कर 41 वर्षीय गुलशन कुमार दराद को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय तरीके से की गई और इसमें स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।
9600 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप
कोयंबटूर सीआईडी ने गुलशन कुमार और उसके 5 से 6 अन्य सहयोगियों के खिलाफ करीब 9600 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले का मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह घोटाला बड़े स्तर पर किया गया था, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे सामने आ रही हैं।
विशेष जांच के तहत गिरिडीह पहुंची थी टीम
सूत्रों के मुताबिक, कोयंबटूर सीआईडी की टीम विशेष अभियान के तहत गिरिडीह पहुंची थी। पुख्ता सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से मिर्जागंज स्थित गुलशन के घर पर छापेमारी की गई, जहां से उसे हिरासत में लिया गया।
पर्यटन कंपनी के जरिए आर्थिक अनियमितताओं का आरोप
बताया जा रहा है कि गुलशन कुमार कोयंबटूर में एक टूरिज्म कंपनी का संचालन करता था। इसी साल जनवरी महीने में उसकी कंपनी के खिलाफ आर्थिक गड़बड़ियों और निवेश से जुड़े मामलों को लेकर केस दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होते ही गुलशन कोयंबटूर से फरार हो गया था और तब से सीआईडी उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
गिरफ्तारी के बाद कोयंबटूर ले जाया गया आरोपी
गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीआईडी की टीम आरोपी को अपने साथ कोयंबटूर लेकर रवाना हो गई। वहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई भी कोयंबटूर में ही पूरी की जाएगी।
परिजनों ने लगाए साजिश के आरोप
इधर, गुलशन कुमार के परिजनों ने गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि गुलशन कई वर्षों से पर्यटन व्यवसाय से जुड़ा हुआ है और उसे साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है। परिजनों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
कोयंबटूर सीआईडी ने बताया कि मामले में शामिल अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल एजेंसी का फोकस पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर है।