Jamshedpur: आज दिनांक 10 फरवरी 2026 को प्रखंड विकास कार्यालय, जमशेदपुर में माझी परगना महाल की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के अगुवाओं ने निजी संस्था द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया। धाड़ दिशोम देश पारानिक बाबा दुर्गा चरन मुर्मू के नेतृत्व में माझी बाबा पारानिक गोडेत एवं हातु मुंडाओं ने Positive Mantra Counselling Private Limited संस्था द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रधानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण का बहिष्कार किया और इसे अविलंब रोकने की मांग की।
पेसा नियमावली 2025 के उल्लंघन का आरोप
देश पारानिक बाबा दुर्गा चरन मुर्मू ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि पेसा नियमावली 2025 के तहत अब तक पारंपरिक ग्राम सभाओं का सीमांकन एवं विधिवत सत्यापन नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में किसी निजी संस्था द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षण देना गलत, गैरकानूनी और नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण आयोजन से केवल विभागीय राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
पारंपरिक अगुवाओं को नहीं दी गई सूचना
पारानिक बाबा ने यह भी कहा कि प्रशिक्षण शिविर की कोई सूचना प्रखंड के किसी भी माझी बाबा, परगना बाबा, हातु मुंडा या मानकी बाबा को नहीं दी गई। उन्होंने इसे पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था की घोर अनदेखी बताया।
बाबा तिलका मांझी जयंती के दिन प्रशिक्षण पर आपत्ति
विरोध कर रहे अगुवाओं ने बताया कि प्रशिक्षण की तिथि 11 फरवरी निर्धारित की गई है, जो कि बीर शहीद बाबा तिलका मांझी की जन्म जयंती है। इस दिन प्रत्येक गांव में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे पावन अवसर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम रखना आदिवासी समाज की भावनाओं का अपमान है, जिसे समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
मुख्यमंत्री से शिकायत की चेतावनी
पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि इस पूरे मामले को लेकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय से औपचारिक शिकायत की जाएगी। उन्होंने मांग की कि पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून के तहत पारंपरिक ग्राम सभा का संचालन आदिवासी समाज की रुढ़िजन्य विधि के अनुसार ही किया जाए।
गैर आदिवासी ग्राम प्रधानों को पदमुक्त करने की मांग
पारानिक बाबा ने कहा कि गैरकानूनी तरीके से बनाए गए गैर आदिवासी ग्राम प्रधानों को प्रशासन अविलंब पदमुक्त करे और पारंपरिक ग्राम सभाओं में माझी बाबा, परगना बाबा, हातु मुंडा, मानकी बाबा जैसे पारंपरिक अगुवाओं को पुनः स्थापित किया जाए।
बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि रहे उपस्थित
इस विरोध कार्यक्रम में माझी बाबा सेन बसु हांसदा, बिरसिंह बास्के, बिपिन चंद्र मुर्मू, बिंदे सोरेन, मोहन मंडी, गणेश चंद्र हांसदा, राम हांसदा, सुशील मुर्मू, रमेश मुर्मू, उदय हेंम्ब्रोम, सनातन मंडी, कामेश्वर सोरेन, बैद्यनाथ मंडी, सुरेंद्र टुडू, सुराज मार्डी सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।