Jharkhand News: झारखंड के रामगढ़ जिले में बेखौफ अपराधियों ने बुधवार की रात भारी उत्पात मचाया. पतरातू थाना क्षेत्र के सरिया टोला में रहने वाले कोयला व्यवसायी गजानन प्रसाद के आवास को निशाना बनाते हुए हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं. चश्मदीदों के अनुसार, अपराधियों ने लगभग 8 से 9 राउंड फायरिंग की, जिससे पूरा क्षेत्र गूंज उठा. हमले की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग भयभीत होकर अपने घरों में छिप गए. बताया जा रहा है कि हमलावर सियाल सोनदा बस्ती की दिशा से आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद तुरंत मौके से फरार हो गए. यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है.
एक साथ कई जगहों पर हमले से सनसनी
अपराधियों का दुस्साहस यहीं नहीं रुका. गजानन प्रसाद के घर के अलावा हमलावरों ने सेल संचालक नीतीश कुमार के निवास पर भी जमकर गोलीबारी की. जानकारी के मुताबिक, इस हमले में छोटे और बड़े दोनों प्रकार के हथियारों का प्रयोग किया गया है. इसके अतिरिक्त, सोनदा बस्ती के मुख्य चौराहे और एक स्थानीय दुकान के समीप भी गोलियां चलाई गईं. एक के बाद एक हुई इन वारदातों से ग्रामीणों के बीच भारी दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.
पुलिस ने बरामद किए खोखे, जांच में जुटी टीम
घटना की जानकारी मिलते ही पतरातू थाना पुलिस सक्रिय हुई और दल-बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया, जहां सड़क पर गोलियों के कई खोखे बिखरे पड़े मिले. पुलिस ने इन खोखों को जब्त कर लिया है और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ स्थानीय लोगों से पूछताछ कर अपराधियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है.
रामगढ़ में हुई यह घटना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध के बढ़ते प्रभाव की ओर इशारा करती है. कोयला कारोबारियों को निशाना बनाना अक्सर लेवी (रंगदारी) या वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा होता है. जिस तरह से अपराधियों ने एक साथ कई स्थानों पर फायरिंग की और बड़े हथियारों का इस्तेमाल किया, उससे साफ है कि यह सुनियोजित हमला था जिसका उद्देश्य व्यवसायियों के बीच डर पैदा करना था. सीसीटीवी फुटेज इस मामले में सबसे अहम सबूत साबित हो सकता है. पुलिस के लिए चुनौती न केवल इन अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक और व्यापारिक वर्ग में सुरक्षा का भरोसा बहाल करना भी है.