Bokaro: झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत चास प्रखंड के बंशीडीह इलाके में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब बच्चा चोरी की अफवाह ने अचानक लोगों को उग्र बना दिया। अफवाह के आधार पर कुछ स्थानीय लोगों ने संदेह जताते हुए सड़क किनारे खड़ी एक बोलेरो गाड़ी में सवार संत-साधुओं को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की।
बच्चों से बातचीत बनी शक की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोलेरो वाहन से उतरे साधु आसपास खेल रहे बच्चों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों को उन पर संदेह हुआ और देखते ही देखते अफवाह फैल गई कि वे बच्चा चोर गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ लोगों ने वाहन की नंबर प्लेट के नीचे दूसरी प्लेट होने का दावा किया। इस बात ने भीड़ के शक को और गहरा कर दिया। गुस्साई भीड़ ने वाहन के शीशे तोड़ दिए और साधुओं के साथ मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही चास थाना के प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और साधुओं को सुरक्षित हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया।
थाने में पूछताछ के दौरान साधुओं ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के संभल जिले के निवासी हैं और जीविका के लिए विभिन्न राज्यों में भ्रमण करते हैं। उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताते हुए अपने आधार कार्ड सहित अन्य पहचान दस्तावेज सत्यापन के लिए पुलिस को सौंपे।
प्रशासन की अपील अफवाहों से रहें दूर
मामले को गंभीरता से लेते हुए चास के एसडीपीओ और बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और कानून को अपने हाथ में न लें। उन्होंने कहा कि यदि किसी पर संदेह हो तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि उचित जांच की जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और मौखिक अफवाहें कई बार निर्दोष लोगों को मुश्किल में डाल देती हैं। समय रहते पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि अफवाहें कितनी खतरनाक हो सकती हैं।