Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-02-14

Jharkhand CM Hemant Soren: झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, हाथी के हमले में हुए नुकसान का मुआवजा अब मात्र 12 दिनों में, CM हेमंत सोरेन ने दिए सख्त निर्देश

Ranchi: झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने और प्रभावित ग्रामीणों को त्वरित राहत पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब हाथियों के हमले से होने वाले जान-माल के नुकसान के लिए पीड़ितों को महीनों इंतज़ार नहीं करना होगा मुआवज़े की राशि का भुगतान मात्र 12 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।

उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा और संरक्षण पर मंथन

आज प्रोजेक्ट भवन में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के आला अधिकारियों के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि हाथियों के हमलों को रोकने के लिए केवल कागजी योजनाएं नहीं, बल्कि धरातल पर प्रभावी उपाय दिखने चाहिए।

12 दिनों के भीतर मुआवजा, एक नया मानक

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक देरी को खत्म करने के उद्देश्य से एक समय सीमा निर्धारित कर दी है। उन्होंने कहा, हाथियों के हमले से होने वाला नुकसान अपूरणीय होता है, लेकिन सरकार का कर्तव्य है कि वह प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करे। मुआवज़े की प्रक्रिया में होने वाली देरी पीड़ितों के कष्ट को बढ़ाती है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सभी वन प्रमंडलों को निर्देश दिया गया है कि वे रिपोर्ट तैयार करने से लेकर राशि भुगतान तक की प्रक्रिया को 12 दिनों के अंदर पूरा करें।

पिछले 5 वर्षों के आंकड़ों का होगा ऑडिट

नीतियों को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पिछले 5 वर्षों में हुई घटनाओं का पूरा डेटा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। इसमें शामिल होगा, कितने लोगों की जान गई या घायल हुए। कितने घरों और फसलों को नुकसान पहुँचा।अब तक कितनी मुआवजा राशि वितरित की गई और कितनी लंबित है। इस डेटा के विश्लेषण से सरकार उन क्षेत्रों की पहचान करेगी जहाँ हाथियों का मूवमेंट सबसे अधिक है, ताकि वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें।

वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण सुरक्षा का समन्वय

विशेषज्ञों के अनुसार, झारखंड के लिए यह पहल एक गेम चेंजर साबित हो सकती है। त्वरित मुआवजा मिलने से ग्रामीणों में वन्यजीवों के प्रति आक्रोश कम होगा, जो अंतत वन्यजीव संरक्षण में मदद करेगा। सरकार का लक्ष्य झारखंड को मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इस फैसले से राज्य के ग्रामीण इलाकों, विशेषकर कोल्हान और संथाल परगना के क्षेत्रों में खुशी की लहर है। प्रशासन की इस सक्रियता की चौतरफा सराहना की जा रही है।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !