Jharkhand Big News: झारखंड के गिरिडीह जिले से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं. राज्य के सभी 24 जिलों की तुलना में गिरिडीह दंगा और आपसी संघर्ष के मामलों में पहले स्थान पर पहुंच गया है. पिछले एक साल के दौरान जिले के विभिन्न थानों में इस श्रेणी के 300 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें मारपीट की घटनाएं भी शामिल हैं.
महीनेवार दर्ज की गई घटनाओं का विवरण
आंकड़ों के अनुसार, जिले में दंगा और मारपीट की सर्वाधिक घटनाएं फरवरी और अप्रैल के महीनों में हुईं, जिनमें से प्रत्येक माह में 35-35 मामले सामने आए. अन्य महीनों की स्थिति इस प्रकार रही:
- जनवरी और मार्च में 26-26 घटनाएं दर्ज हुईं.
- मई में 32 और जून में 27 मामले सामने आए.
- जुलाई और सितंबर में 24-24, जबकि अगस्त में 29 घटनाएं हुईं.
- अक्टूबर में 28, नवंबर में 25 और दिसंबर में सबसे कम 18 मामले दर्ज किए गए.
कार्रवाई के अभाव में बढ़ रही असुरक्षा
स्थानीय लोगों के अनुसार, नजदीकी पुलिस थानों को सूचित किए जाने के बावजूद पर्व-त्योहारों के दौरान होने वाली हिंसक घटनाओं में कमी नहीं आ रही है. आरोप है कि उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने के कारण ऐसी घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनता के बीच असुरक्षा का माहौल है.
जमीनी विवाद और आपसी झगड़ों का असर
इस मामले पर गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार का कहना है कि दंगा के इन रिकॉर्ड्स में जमीन से संबंधित विवाद और आपसी मारपीट की घटनाओं को भी शामिल किया जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए मुस्तैद है और किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल कानूनी कार्रवाई की जा रही है.