हर तीसरे दिन मर्डर, रोज़ चोरी! पुलिस की कार्यशैली से कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल!
Jamshedpur: कभी अपनी कामयाबी का पर्चा लहराने वाली जमशेदपुर पुलिस की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर मार्च 2025 के जारी किए गए आंकड़े पूर्वी सिंहभूम में कानून व्यवस्था की बदहाली को उजागर कर रहे हैं।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, महज एक महीने में जिले में 9 मर्डर की घटनाएं दर्ज की गई हैं, यानी औसतन हर तीसरे दिन एक हत्या। क्या यही है पुलिस की "सख्त निगरानी" का परिणाम?
इतना ही नहीं, 13 बलात्कार, 39 चोरी, 10 आर्म्स एक्ट, 4 किडनैपिंग, और 2 दंगे, ये आंकड़े ये बताने के लिए काफी हैं कि जिले में आम आदमी खुद को कितना असुरक्षित महसूस कर रहा है।
यह वही जमशेदपुर है जहाँ की पुलिस अक्सर खुद की पीठ थपथपाती है, लेकिन जब ज़मीन पर नज़र दौड़ाई जाए तो हकीकत चौंकाने वाली है। महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल हैं, हर दूसरे दिन एक नया अपराध, और पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या रणनीति नज़र नहीं आती।
आखिर कब तक प्रशासन आँकड़ों की आड़ में जनता को गुमराह करता रहेगा? कब तक हत्याओं और बलात्कार की खबरें आम बनती रहेंगी?
जमशेदपुर की जनता अब जवाब चाहती है, कार्रवाई चाहती है, ना कि सिर्फ आंकड़े और बहाने।
अधिक जानकारी के लिए नीचे संलग्न झारखंड पुलिस का आधिकारिक चार्ट देखें...