घटना की पूरी जानकारी
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर जब प्रियंका घर पर अकेली थीं, तभी उन्होंने अपने बच्चे को दांत दर्द की दवा लाने के लिए बाजार भेजा था। जब बेटी घर वापस लौटी, तो उसने अपनी मां को कमरे में पंखे के सहारे दुपट्टे से लटका हुआ पाया। बच्ची की चीख सुनकर आस-पड़ोस के लोग इकट्ठा हुए और आनन-फानन में प्रियंका को फंदे से नीचे उतारा गया।
उन्हें तत्काल इलाज के लिए आदित्यपुर टोल ब्रिज स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर आदित्यपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया।
मानसिक तनाव और इलाज की बात आई सामने
मृतका के पति ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि प्रियंका पिछले कुछ महीनों से मानसिक अस्वस्थता से जूझ रही थीं। उनका उपचार टाटा मुख्य अस्पताल में चल रहा था। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और इसे संदिग्ध मानकर हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
पुलिसिया कार्रवाई
आदित्यपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज के शीतगृह में रखवा दिया है, जिसे रविवार को संपन्न किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है।प्रियंका अपने पीछे दो बच्चे और भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। बैंक कर्मी की इस तरह अचानक मौत से उनके सहकर्मियों में भी मायूसी छाई हुई है।