इस्कॉन मुख्यालय में भक्ति भाव
सुबह कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद, गृह मंत्री सीधे नदिया जिले के मायापुर पहुंचे। यहाँ उन्होंने इस्कॉन के वैश्विक मुख्यालय में मत्था टेका। शाह ने इस्कॉन के संस्थापक श्रीला भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद को श्रद्धांजलि अर्पित की और मंदिर परिसर में विशेष आरती में भाग लिया।
सियासी माहौल और टाइमिंग का खेल
हालांकि भाजपा ने इसे पूरी तरह से "पूर्व निर्धारित धार्मिक कार्यक्रम बताया है, लेकिन बंगाल के राजनीतिक माहौल को देखते हुए इसे महज इत्तेफाक नहीं माना जा रहा है। मतुआ और वैष्णव वोटबैंक, नदिया जिला मतुआ समुदाय और वैष्णव भक्तों का गढ़ माना जाता है। अमित शाह का यहाँ आना इस बड़े वोट बैंक को साधने की एक मौन कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
संगठनात्मक सक्रियता
एयरपोर्ट पर प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व राज्य में चुनावी मोड में आ चुका है। जानकारों का मानना है कि शाह ने सनातनी मूल्यों और धार्मिक पहचान के जरिए बंगाल की जनता को एक सांस्कृतिक संदेश देने की कोशिश की है। पश्चिम बंगाल की राजनीति हमेशा से धर्म और संस्कृति के इर्द-गिर्द घूमती रही है।