Ranchi News: राजधानी रांची में आज उस वक्त गहमागहमी बढ़ गई जब राज्य के विभिन्न पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सेवाएं दे रहे नीड बेस्ड (घंटी आधारित) लेक्चरर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए. मुख्यमंत्री आवास के समीप भारी संख्या में जुटे इन शिक्षकों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा हाल ही में जारी पॉलिटेक्निक लेक्चरर नियुक्ति विज्ञापन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी सेवा सुरक्षा की गुहार लगाई.
नई नियमावली से भविष्य पर मंडराया संकट
प्रदर्शनकारी शिक्षकों का तर्क है कि नई नियमावली उनके करियर के लिए घातक साबित हो रही है. उनका कहना है कि वे वर्षों से राज्य के तकनीकी संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और जब उनकी बहाली हुई थी, तब वे उस समय के सभी निर्धारित मापदंडों को पूरा करते थे. अब बीच रास्ते में योग्यता के नए और उच्च मानक (अर्हताएं) लागू कर देना उनके साथ सरासर नाइंसाफी है. शिक्षकों को डर है कि इस नए विज्ञापन की वजह से वे चयन प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकार में चला जाएगा.
विज्ञापन रद्द करने या प्राथमिकता देने की मांग
आंदोलनकारी लेक्चररों ने सरकार और आयोग के सामने दो टूक मांग रखी है. उनकी मांग है कि या तो जेपीएससी के इस वर्तमान विज्ञापन को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, या फिर इसमें जरूरी संशोधन किए जाएं. शिक्षकों का कहना है कि वर्षों के अनुभव को देखते हुए उन्हें इस बहाली में विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए या फिर नियमों में आवश्यक छूट प्रदान की जाए ताकि उनकी सेवा जारी रह सके.