Jharkhand: झारखंड सरकार राज्य में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। वित्त विभाग ने एसएनए स्पर्श और स्पर्श-डीबीटी प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस संबंध में विभाग ने स्वास्थ्य, गृह, पेयजल, नगर विकास, उच्च शिक्षा, कृषि, वन, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, भवन निर्माण, उद्योग, श्रम, स्कूली शिक्षा और खाद्य आपूर्ति समेत सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों को आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
आरबीआई की बैठक में हुई विस्तृत चर्चा
3 दिसंबर 2025 को भारतीय रिजर्व बैंक के रांची क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित 17वीं स्थायी सलाहकार समिति की बैठक में इस विषय पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन प्रसाद सिंह ने की।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि राज्य में स्पर्श-डीबीटी व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने के लिए योजना-वार आहरण खाते खोलते समय यह अनिवार्य रूप से उल्लेख किया जाए कि खाता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से जुड़ा है या नहीं। इससे कोषागार प्रणाली में आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जा सकेंगे।
योजनाओं से जुड़ी पूरी जानकारी देने का निर्देश
वित्त विभाग ने सभी विभागों से केंद्र प्रायोजित योजनाओं का नाम और कोड, राज्य से संबंधित योजना का नाम और कोड, केंद्र-राज्य अंशदान का अनुपात, अतिरिक्त अंशदान का प्रावधान, एकल नोडल एजेंसी (एसएनए) का नाम और डीबीटी लागू योजनाओं के लिए निर्धारित पांच अंकों का कोड उपलब्ध कराने को कहा है।
इससे योजनाओं की वित्तीय संरचना को स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से एकीकृत किया जा सकेगा।
आधार आधारित भुगतान प्रणाली पूरी तरह लागू
बैठक में जानकारी दी गई कि नवंबर 2025 से झारखंड में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत आधार आधारित भुगतान प्रणाली पूरी तरह लागू हो चुकी है। वहीं 1 दिसंबर 2025 से राज्य सरकार को तिथि-वार मासिक विवरणी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
30 सितंबर 2025 तक लंबित विसंगतियों की शुद्ध राशि लगभग 24 करोड़ रुपये बताई गई है, जो राज्य सरकार को प्राप्त होनी है। प्रधान महालेखाकार कार्यालय ने इन लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए अन्य राज्यों की बेहतर प्रक्रियाएं अपनाने की सलाह दी है।
एजेंसी बैंकों की ओर से भुगतान और संशोधन प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए स्वचालन (ऑटोमेशन) का प्रस्ताव भी रखा गया है।
क्या है एसएनए स्पर्श?
एसएनए (Single Nodal Agency) स्पर्श एक आधुनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली है। इसके तहत केंद्र सरकार द्वारा जारी की जाने वाली योजना राशि सीधे राज्य की नामित एकल नोडल एजेंसी के खाते में भेजी जाती है। वहां से तय मानकों के अनुसार संबंधित योजनाओं में धन का उपयोग किया जाता है।
स्पर्श-डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को मिलने वाली सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो जाती है।
क्या होंगे इसके फायदे?
योजनाओं की राशि पर रीयल टाइम निगरानी संभव होगी।
धन के निष्क्रिय पड़े रहने या भुगतान में देरी की समस्या कम होगी।
दोहरी प्रविष्टि और अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और लाभार्थियों को समय पर पैसा मिलेगा।
केंद्र और राज्य अंशदान का स्पष्ट लेखा-जोखा रहेगा।
कोषागार और बैंकिंग प्रणाली के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
कुल मिलाकर, एसएनए स्पर्श-डीबीटी व्यवस्था लागू होने से झारखंड में योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।