Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची स्थित “दक्ष यूनिवर्सिटी” (वोकेशनल और लाइफ स्किल एजुकेशन) को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने फर्जी घोषित कर दिया है. आयोग की जांच में सामने आया है कि यह संस्थान विश्वविद्यालय अधिनियम के मानकों को पूरा नहीं करता है. यूजीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस संस्थान के पास किसी भी प्रकार की डिग्री प्रदान करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है. यह खबर उन छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी चेतावनी है जो इस संस्थान से जुड़ चुके हैं या जुड़ने की सोच रहे थे.
मार्कशीट नहीं रद्दी का टुकड़ा: भविष्य के साथ न करें खिलवाड़
यूजीसी ने सख्त लहजे में कहा है कि दक्ष यूनिवर्सिटी समेत देश भर के इन 32 फर्जी संस्थानों द्वारा जारी की गई मार्कशीट या सर्टिफिकेट महज एक रद्दी कागज के समान हैं. ये डिग्रियां किसी भी सरकारी या निजी संस्थान में नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए स्वीकार्य नहीं होंगी. आयोग ने अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी है कि वे किसी भी यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेने से पहले यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूर करें.
देश के इन 32 संस्थानों को यूजीसी ने ठहराया फर्जी (पूरी लिस्ट)
यूजीसी द्वारा जारी की गई ब्लैकलिस्ट में दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के संस्थान शामिल हैं. सभी फर्जी संस्थानों के नाम नीचे दिए गए हैं:
1. दक्ष यूनिवर्सिटी (वोकेशनल और लाइफ स्किल एजुकेशन), रांची, झारखंड
2. आल इंडिया इंस्टीटयूट आफ पब्लिक एण्ड फिजिकल हैल्थ सांइस, दिल्ली
3. कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरिया गंज, दिल्ली
4. यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी, दिल्ली
5. वॉकेशनल यूनिवर्सिटी, दिल्ली
6. ए.डी.आर.-सेन्ट्रिक जयूरिडिकल यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
7. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस एण्ड इंजीनियरिंग, नई दिल्ली
8. विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट, नई दिल्ली
9. आध्यात्मिक विश्वविद्यालय (स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी), दिल्ली
10. वर्ल्ड पीस ऑफ़ यूनाइटेड नेशनस यूनिवर्सिटी (डब्लू.पी.यू.एन.यू), नई दिल्ली
11. इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग, दिल्ली
12. माउंटेन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
13. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट सोलयूशन, नई दिल्ली
14. गांधी हिन्दी विद्यापीठ, प्रयाग, उत्तर प्रदेश
15. महामाया टैक्निकल (प्राविधिक) विश्वविद्यालय, नोएडा
16. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस यूनिवर्सिटी (ओपन यूनिवर्सिटी), अलीगढ़
17. भारतीय शिक्षा परिषद्, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
18. राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी, नागपुर, महाराष्ट्र
19. नेशनल बैकवर्ड कृषि विद्यापीठ, सोलापुर, महाराष्ट्र
20. इंडियन इंस्टीयूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसन, कोलकाता
21. इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसन एण्ड रिसर्च, कोलकाता
22. क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी, गुंटूर, आंध्र प्रदेश
23. बाईबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया, विशाखापट्टनम
24. सर्व भारतीय शिक्षा पीठ, कर्नाटक
25. ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु
26. श्री बोधि एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, पुडुचेरी
27. उषा लात्चुमनन कॉलेज ऑफ एजुकेशन, पुडुचेरी
28. सेन्ट जॉन यूनिवर्सिटी, कृष्णाटम्, केरल
29. इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ प्रोफेटिक मेडिसिन, केरल
30. मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद, हरियाणा
31. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, अलवर (राजस्थान)
32. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ अल्टरनेटिव मेडिसिन, अरुणाचल प्रदेश
शिक्षा के नाम पर फर्जी संस्थानों का यह मायाजाल हजारों छात्रों के भविष्य और लाखों रुपये की बर्बादी का कारण बनता है. झारखंड की दक्ष यूनिवर्सिटी का इस लिस्ट में होना यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर भी निगरानी की कमी है. ऐसी संस्थाएं अक्सर आकर्षक विज्ञापन देकर छात्रों को फंसाती हैं. यूजीसी की यह कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि केवल लिस्ट जारी न की जाए, बल्कि इन संस्थानों के संचालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी हो ताकि शिक्षा के बाजारीकरण और धोखाधड़ी पर लगाम लग सके.