Abua Dishom Budget: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का “अबुआ दिशोम बजट” पेश करने के लिए विधानसभा पहुंच चुके हैं. इस बार बजट का आकार 1.55 लाख करोड़ से 1.60 लाख करोड़ रुपये के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है. यह पिछले वर्ष के 1.45 लाख करोड़ के बजट की तुलना में लगभग 7 से 10 प्रतिशत अधिक होगा.
घर से दही-चीनी खाकर हुए रवाना
सदन के लिए निकलने से पहले एक पारंपरिक नजारा देखने को मिला, जब उनकी पत्नी ने शुभ कार्य की सफलता के लिए उन्हें दही-चीनी खिलाकर रवाना किया. इस दौरान वित्त सचिव प्रशांत कुमार भी उनके साथ मौजूद रहे. वित्त मंत्री की पत्नी ने उम्मीद जताई कि पिछले साल की तरह इस बार भी बजट में महिलाओं के हितों और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जाएगी.
इन क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का खास फोकस
वित्त मंत्री ने बजट को “झारखंडवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला” बताया है. बजट की मुख्य प्राथमिकताएं इस प्रकार रहने वाली हैं:
इंफ्रास्ट्रक्चर: बजट में बढ़ोतरी से राज्य की नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति मिलेगी.
सामाजिक सुरक्षा: कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार पर विशेष जोर रहेगा.
रोजगार और महिला कल्याण: महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार सृजन को केंद्र में रखा गया है.
बुनियादी सेवाएं: स्वास्थ्य, ऊर्जा और शिक्षा क्षेत्र को बजट में बड़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद है.
झारखंड सरकार का यह बढ़ता बजट आकार राज्य की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं का संकेत है. पिछले वर्ष के मुकाबले बजट में 10% तक की वृद्धि यह दर्शाती है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और सोशल सेक्टर को मजबूती देने के लिए तैयार है. चुनावी और सामाजिक समीकरणों को देखते हुए “अबुआ दिशोम बजट” में गरीब उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण पर फोकस करना हेमंत सरकार की दूरगामी रणनीति का हिस्सा लग रहा है. अब देखना यह है कि आंकड़ों के इस पिटारे से आम आदमी को कितनी प्रत्यक्ष राहत मिलती है.