Jharkhand Budget 2026-27: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान डुमरी विधायक जयराम महतो ने 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट की कड़ी आलोचना की. सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि बजट का आकार बड़ा दिखाना और उसकी आकर्षक प्रस्तुति करना एक बात है, लेकिन सरकार की असली परीक्षा धरातल पर योजनाओं के क्रियान्वयन से होती है. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए.
प्रति व्यक्ति आय में झारखंड की बदहाली पर उठाए सवाल
जयराम महतो ने सदन में तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए कहा कि स्टेट जीडीपी (GSDP) के मामले में झारखंड भले ही देश में 19वें स्थान पर हो, लेकिन प्रति व्यक्ति आय के पैमाने पर हम 32वें पायदान पर खिसक गए हैं. उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी राज्य की तरक्की का असली पैमाना वहां के आम नागरिक की व्यक्तिगत आय होती है, न कि बजट का भारी-भरकम आकार. उन्होंने मांग की कि बजट में राज्य के भविष्य का स्पष्ट आर्थिक विजन दिखना चाहिए.
खनिज संपदा का दोहन और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर
राज्य के संसाधनों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपन्न होने के बावजूद पिछड़ा है क्योंकि यहां का कच्चा माल बाहर भेज दिया जाता है. इससे मुनाफा और रोजगार दूसरे राज्यों को मिलता है. उन्होंने सरकार से झारखंड को "मैन्युफैक्चरिंग हब" बनाने की मांग की. जयराम महतो ने सुझाव दिया कि राज्य में डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्री, कोल गैसीफिकेशन मिशन और फूड प्रोसेसिंग पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स पर गंभीरता से काम होना चाहिए ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके.
शिक्षा और स्वास्थ्य बजट को बताया नाकाफी
विधायक ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों के लिए आवंटित राशि को राष्ट्रीय औसत से काफी कम बताया. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सदन में की गई कई बड़ी घोषणाएं जमीन पर आज भी अधूरी हैं. अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि नए वादे करने से पहले पिछले बजट की उपलब्धियों और विफलताओं की गहन समीक्षा की जानी चाहिए.