Ranchi: आरपीएफ रांची टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए हटिया रेलवे स्टेशन से दो नाबालिग किशोरों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह कार्रवाई आरपीएफ रांची के कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते" के तहत की गई।
प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध हालात में मिले दोनों किशोर
मंगलवार को हटिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक के मुख्य प्रवेश द्वार के पास आरपीएफ पोस्ट हटिया के जवान गश्त पर तैनात थे। इसी दौरान उनकी नजर दो किशोरों पर पड़ी, जो इधर-उधर असमंजस की स्थिति में घूमते दिखाई दिए। जवानों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद दोनों को रोककर पूछताछ की गई।
घर से भागकर बेंगलुरु जाने की थी योजना
पूछताछ में किशोरों ने बताया कि वे चतरा जिले के जोलडीहा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिता की डांट से नाराज होकर वे घर छोड़कर चले आए थे। दोनों ने हटिया स्टेशन से सामान्य टिकट लेकर बेंगलुरु जाने की योजना बनाई थी। उनका इरादा वहां पहुंचकर काम करने का था।
परिजनों का संपर्क नंबर भी नहीं बता सके
जब आरपीएफ ने उनसे उनके परिजनों का मोबाइल नंबर पूछा तो वे कोई भी संपर्क विवरण उपलब्ध नहीं करा सके। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए दोनों को आरपीएफ पोस्ट लाया गया और आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।
चाइल्ड लाइन को सौंपे गए, परिवार से मिलाने की तैयारी
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ ने दोनों किशोरों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया है। अब चाइल्ड लाइन की टीम आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और प्रयास किया जा रहा है कि दोनों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया जाए।
आरपीएफ की तत्परता और सजगता से दो मासूमों को अनजान शहर की अनिश्चित यात्रा पर जाने से रोक लिया गया, जिससे संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया गया।