Kolhan University: कोल्हान विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्रों को पटरी पर लाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक पांचवें सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम महज 14 दिनों के भीतर घोषित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब 53 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन इतने कम समय में पूरा कर रिकॉर्ड तोड़ गति से रिजल्ट जारी किया गया है.
शैक्षणिक सत्र को नियमित करने की सफल कोशिश
कुलपति अंजिला गुप्ता ने नए वर्ष के अपने संदेश में लंबित सत्रों को नियमित करने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया था. यह त्वरित परिणाम उसी संकल्प का हिस्सा माना जा रहा है. वर्तमान में सत्र 2026 लगभग डेढ़ साल की देरी से चल रहा है, जिसे देखते हुए इस कदम से छात्रों और शिक्षकों में यह उम्मीद जगी है कि अब स्नातकोत्तर (PG) प्रथम वर्ष में नामांकन की प्रक्रिया समय पर शुरू हो सकेगी.
परीक्षा समाप्ति के तुरंत बाद शुरू हुआ सघन मूल्यांकन
ज्ञात हो कि स्नातक पंचम सेमेस्टर की परीक्षाएं 27 जनवरी से 3 फरवरी तक आयोजित की गई थीं. परीक्षा संपन्न होने के बाद 9 फरवरी से मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियों की जांच का कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ किया गया. कुलपति के कड़े निर्देशों और शिक्षकों की तत्परता के कारण 15 हजार विद्यार्थियों की कॉपियों की जांच निर्धारित समयसीमा में पूरी हुई. इस परीक्षा में 87 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल रहे हैं, जिससे छात्रों के बीच उत्साह का माहौल है.
भविष्य की परीक्षाओं के लिए कुलपति का कड़ा रुख
कुलपति ने परीक्षा विभाग के इस कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी सभी परीक्षाएं समयबद्ध तरीके से आयोजित की जाएंगी. उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों की सराहना करते हुए जोर दिया कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक कैलेंडर को पटरी पर लाना है ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो. उन्होंने सफल छात्रों को बधाई देते हुए आगामी सेमेस्टर की परीक्षाओं को भी जल्द आयोजित करने के संकेत दिए हैं.