अदालत का फैसला और आप की जीत
लंबे समय से चले आ रहे कथित शराब घोटाले में अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और कानूनी तर्कों को देखते हुए आप नेतृत्व को क्लीन चिट दे दी है। इस फैसले को आम आदमी पार्टी अपनी ईमानदारी की जीत के रूप में देख रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल के चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा था, जहाँ उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
बीजेपी को दी सीधी चुनौती
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुंकार भरते हुए प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा को खुला चैलेंज दिया। उन्होंने कहा पिछले दो सालों से हमें बदनाम करने और तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन सच्चाई की जीत हुई। मैं आज भाजपा को चुनौती देता हूँ, अगर दिल्ली में आज चुनाव करा दिए जाएं और भाजपा दहाई का आंकड़ा 10 सीटें भी पार कर ले, तो मैं उसी वक्त राजनीति से संन्यास ले लूँगा।
केजरीवाल ने आगे कहा कि दिल्ली की जनता ने देख लिया है कि कौन काम कर रहा है और कौन सिर्फ काम रोकने की साजिश रच रहा है। उन्होंने भाजपा को काम रोको गैंग बताते हुए कहा कि दिल्ली की जनता इस अपमान का बदला आने वाले चुनावों में लेगी।
सियासी गलियारों में हलचल
केजरीवाल के इस बयान के बाद दिल्ली भाजपा ने भी पलटवार किया है, लेकिन कोर्ट के इस ताजा फैसले ने निश्चित रूप से आप को एक नई संजीवनी दे दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बरी होने और केजरीवाल के आक्रामक रुख से आगामी विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को सहानुभूति और बढ़त दोनों मिल सकती है।