BIG BREAKING: मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने एक सनसनीखेज दावा किया है. ईरान का कहना है कि उसने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय और वायुसेना कमांडर के आवास को मिसाइलों से निशाना बनाया है. हालांकि, इजरायल ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे “मनगढ़ंत” करार दिया है.
IRGC का दावा: “ऑपरेशन ट्रुथ प्रॉमिस 4” के तहत हुआ हमला
ईरानी सेना IRGC ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस कार्रवाई को ”ऑपरेशनल ट्रुथ प्रॉमिस 4” का नाम दिया है. ईरान का दावा है कि इस अचानक किए गए मिसाइल हमले का मुख्य केंद्र इजरायली सरकारी कॉम्प्लेक्स और "क्रिमिनल प्राइम मिनिस्टर" नेतन्याहू का दफ्तर था. इसके साथ ही इजरायली वायुसेना प्रमुख के ठिकाने पर भी हमले की बात कही गई है. तेहरान का कहना है कि यह हमला हालिया इजरायली सैन्य कार्रवाइयों का करारा जवाब है और जल्द ही इसके सफल परिणाम साझा किए जाएंगे.
इजरायल ने दावों को बताया “निराधार”
ईरान के इस बड़े दावे के कुछ ही देर बाद इजरायली अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आई. इजरायल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय या वायुसेना कमांडर के आवास पर ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है. इजरायली रक्षा अधिकारियों ने ईरानी दावों को “मनोवैज्ञानिक युद्ध” का हिस्सा बताते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया. फिलहाल इजरायल में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है, लेकिन किसी भी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है.
क्षेत्र में बढ़ा परमाणु और सैन्य तनाव
दोनों देशों के बीच जारी इस जुबानी जंग और हमलों के दावों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है. एक तरफ जहां ईरान अपनी मिसाइल शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमलों की खबरें भी सुर्खियां बटोर रही हैं. स्वतंत्र रूप से अभी तक नेतन्याहू के दफ्तर पर हमले की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इस घटनाक्रम ने युद्ध को एक खतरनाक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है.