Jamshedpur News: जमशेदपुर और इसके आसपास के इलाकों में गर्मी की आहट मिलते ही बिजली संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है. मानगो समेत जमशेदपुर एरिया बोर्ड के अंतर्गत आने वाले करीब ढाई लाख उपभोक्ता प्रतिदिन औसतन आठ घंटे की बिजली कटौती झेलने को मजबूर हैं. विडंबना यह है कि विभाग पूरे साल मेंटेनेंस और रखरखाव के नाम पर घंटों बिजली काटता रहा, लेकिन जैसे ही पारे में बढ़ोतरी हुई, बिजली आपूर्ति की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है. दोपहर की भीषण गर्मी में लंबी कटौती और रात भर बाधित रहने वाली सप्लाई ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है.
लोगों की बुनियादी जरूरतों पर पड़ रहा असर
शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली की इसका सीधा असर लोगों की बुनियादी जरूरतों पर पड़ रहा है. कई वार्डों में स्थिति यह है कि पूरी रात बिजली गायब रहने से लोगों की नींद उड़ गई है, जिसका असर अगले दिन के कामकाज पर दिख रहा है. बिजली न रहने के कारण पानी के मोटर नहीं चल पा रहे हैं, जिससे पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विभाग ने साल भर तैयारी के जो दावे किए थे, वे गर्मी की पहली तपिश में ही फेल साबित हो गए हैं. गैर-कंपनी क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है, क्योंकि समय पर बिल भुगतान के बावजूद उन्हें सबसे खराब सेवा मिल रही है.
कम वोल्टेज और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग ने लोगों की मुसीबतें बढ़ाई
आपूर्ति में बाधा के साथ-साथ कम वोल्टेज और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग ने लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं. वोल्टेज के उतार-चढ़ाव के कारण फ्रिज, एसी और टीवी जैसे महंगे घरेलू उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है. वहीं, इस अनियमित बिजली कटौती ने स्थानीय व्यापारियों और लघु उद्योगों की कमर तोड़ दी है. मानगो जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रात बार-बार बिजली गुल होने की शिकायतें मिल रही हैं. उपभोक्ताओं की मांग है कि विभाग को केवल सूचना देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था और ठोस बुनियादी ढांचे पर काम करना चाहिए ताकि आने वाले दिनों में बढ़ते तापमान के बीच राहत मिल सके.