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  • 2026-03-03

Deoghar Crime News: देवघर में साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 11 आरोपी गिरफ्तार, 1 लाख से अधिक कैश और मोबाइल बरामद

Deoghar Crime News: झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. लगातार चल रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने मंगलवार को 11 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पथरौल थाना क्षेत्र के सरहैता गांव के पास स्थित जंगल में अपराधियों का एक गिरोह सक्रिय है, जो लोगों को ठगने की योजना बना रहा है. इसी सूचना के आधार पर छापेमारी की गई और इन सभी आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा गया. पकड़े गए आरोपियों में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों जैसे पथरौल, सारठ, करौं, मधुपुर, देवीपुर और मोहनपुर के निवासी शामिल हैं.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और उनके क्षेत्र
पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों में पथरौल थाना क्षेत्र के फुलराम निवासी चंदन कुमार, सिमरातरी गांव के दो युवक जिनका नाम राहुल कुमार दास है, और कुंदन कुमार शामिल हैं. इसके अलावा पितौंजिया गांव के दिवाकर महरा, सारठ थाना क्षेत्र के उबिया निवासी जब्बार अंसारी, करौं थाना क्षेत्र के जगाडीह निवासी दीपक कुमार मंडल और प्रिंस कुमार मंडल को भी गिरफ्तार किया गया है. मधुपुर के पतरो निवासी नीरज कुमार दास, देवीपुर के तिलौना निवासी संजय कुमार दास और मोहनपुर के पदनबोना निवासी रोहित कुमार यादव भी इस गिरोह का हिस्सा थे. पुलिस इन सभी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इनके नेटवर्क का पूरा खुलासा हो सके.

भारी मात्रा में नकद और डिजिटल उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने इन अपराधियों के पास से तकनीकी साक्ष्य और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है. इनके पास से कुल 11 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड जब्त किए गए हैं. सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी 1.01 लाख रुपये नकद की है, जो आरोपी नीरज कुमार दास के पास से मिले हैं. शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह पैसा साइबर ठगी के जरिए कमाया गया था, जिसे नीरज ने निकाल कर अपने पास रखा था. पुलिस अब उस पीड़ित का पता लगाने की कोशिश कर रही है जिससे यह पैसा ठगा गया था और यह भी जांच की जा रही है कि यह राशि आरोपियों तक किस माध्यम से पहुंची.

कस्टमर केयर और कैशबैक के नाम पर ठगी का तरीका
पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने साइबर ठगी के अपने मॉडस ऑपरेंडी (तरीके) का खुलासा किया है. ये अपराधी मुख्य रूप से गूगल पर विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के असली कस्टमर केयर नंबरों को बदलकर अपना फर्जी मोबाइल नंबर डाल देते थे. जब कोई व्यक्ति परेशानी में मदद के लिए उन नंबरों पर कॉल करता था, तो ये अपराधी खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उन्हें अपने झांसे में ले लेते थे. इसके अलावा, ये लोग फोनपे और पेटीएम के फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे और उन्हें बड़े इनाम या कैशबैक का लालच देकर उनके बैंक खातों में सेंध लगाते थे.

छापेमारी टीम और न्यायिक हिरासत की प्रक्रिया
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में साइबर थाना के इंस्पेक्टर नागेन्द्र कुमार मंडल, एसआई संतोष कुमार मंडल समेत पथरौल और पथरड्डा थाना की संयुक्त पुलिस टीम शामिल थी. पुलिस की इस मुस्तैदी से इलाके के अन्य साइबर अपराधियों में भी हड़कंप मच गया है. गिरफ्तारी के बाद सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया गया और पूछताछ खत्म होने के बाद सभी 11 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि आम जनता की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखा जा सके.
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