UPSC 2025: झारखंड के विभिन्न जिलों से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के नतीजों में सफलता की शानदार कहानियां सामने आई हैं. लातेहार के महुआडांड़ निवासी बिपुल गुप्ता ने 103वीं रैंक हासिल कर आईएएस (IAS) बनने का अपना सपना पूरा कर लिया है. पिछले वर्ष 368वीं रैंक के साथ उनका चयन भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए हुआ था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत से रैंक में बड़ा सुधार किया.
निहारिका सिन्हा ने 365वीं रैंक प्राप्त कर पेश की मिसाल
साहिबगंज के कुलीपाड़ा की निहारिका सिन्हा ने 365वीं रैंक प्राप्त कर मिसाल पेश की है. एक दर्जी की बेटी निहारिका ने अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की, जिससे उनके माता-पिता के संघर्षों को नई पहचान मिली है.
धनबाद की श्रुति मोदी ने 569वीं रैंक हासिल की
सफलता की इस कड़ी में धनबाद की श्रुति मोदी ने भी अपनी जगह बनाई है, जिन्होंने 569वीं रैंक हासिल की है. श्रुति वर्तमान में बैंक में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने नौकरी की व्यस्तता के बीच अपनी तैयारी जारी रखते हुए यह उपलब्धि प्राप्त की. ये परिणाम दर्शाते हैं कि झारखंड के युवा न केवल बड़े सपने देख रहे हैं, बल्कि अपनी लगन और मेहनत से उन्हें हकीकत में भी बदल रहे हैं. इन अभ्यर्थियों की सफलता से उनके गृह जिलों में जश्न का माहौल है और वे राज्य के अन्य प्रतियोगियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं.
बिपुल गुप्ता का आईएफएस से आईएएस तक का सफर और निहारिका का पहले प्रयास की असफलता के बाद बाउंस बैक करना यह सिखाता है कि यूपीएससी केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि धैर्य की भी परीक्षा है. विशेषकर निहारिका और श्रुति मोदी की सफलता यह रेखांकित करती है कि सीमित आर्थिक पृष्ठभूमि या नौकरी की जिम्मेदारियां लक्ष्य के आड़े नहीं आतीं, यदि दिशा सही हो.