अब तक कई मामलों में ऐसा देखा जाता था कि जमानत मिलने के बावजूद रिलीज ऑर्डर में कमी या औपचारिकता अधूरी रहने पर कैदियों को रिहा होने में समय लग जाता था। कई बार कागजी प्रक्रिया पूरी होने में एक-दो दिन अतिरिक्त लग जाते थे, जिससे कैदियों को बेवजह जेल में ही रहना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत अदालत से जमानत आदेश पारित होने के साथ ही संबंधित जेल को रिलीज ऑर्डर ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे जेल प्रशासन को तुरंत आदेश मिल सकेगा और कैदी की रिहाई की प्रक्रिया उसी दिन शुरू की जा सकेगी।
छुट्टी के दिनों में भी मिलेगा लाभः पुरानी व्यवस्था में यदि किसी व्यक्ति को शनिवार को देर शाम जमानत मिलती थी, तो कागजी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण उसे रविवार तक जेल में ही रहना पड़ता था। रविवार को अधिकांश सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं, ऐसे में रिलीज ऑर्डर जेल तक समय पर नहीं पहुंच पाता था। अब ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से इस तरह की समस्या खत्म हो जाएगी और आदेश तुरंत जेल प्रशासन तक पहुंच जाएगा।
तकनीकी त्रुटियों से भी मिलेगी राहत अक्सर देखा जाता था कि रिलीज ऑर्डर में किसी प्रकार की छोटी तकनीकी गलती या दस्तावेज की कमी होने पर उसे सुधारने में समय लग जाता था। इससे जमानत मिलने के बाद भी रिहाई में अनावश्यक देरी होती थी। ऑनलाइन सिस्टम में दस्तावेजों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी, जिससे त्रुटियों को तुरंत सुधारा जा सकेगा।