Delhi: घरेलू रसोई गैस की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने देश के सियासी गलियारों में उबाल ला दिया है। शनिवार को 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की भारी वृद्धि की गई, जिसके बाद दिल्ली में एक सिलेंडर की कीमत 913 रुपये तक पहुंच गई है। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने सरकार पर चौतरफा हमला बोला है।
विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल
कांग्रेस पार्टी ने इस महंगाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की विफलता करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार को घेरते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें कम होने पर जनता को राहत नहीं दी गई, लेकिन अब पश्चिम एशिया ईरान-इजरायल संकट में तनाव का बहाना बनाकर आम आदमी की जेब काटी जा रही है।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की कूटनीतिक विफलता के कारण ऊर्जा सुरक्षा खतरे में है और इसका खामियाजा भारतीय महिलाओं और मध्यम वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। पार्टी ने पीएम मोदी को महंगाई मैन की संज्ञा देते हुए कहा कि सरकार केवल अपने चुनावी विज्ञापनों में व्यस्त है।
व्यावसायिक सिलेंडर भी हुए महंगे
सिर्फ घरों में ही नहीं, बल्कि होटलों और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी 115 रुपये का इजाफा हुआ है। पिछले तीन महीनों में इसमें कुल 307 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे बाहर खाना भी महंगा होने की आशंका है।