Railway News: जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां के बीच रेल की पटरियों पर हाथियों की आवाजाही ने मंगलवार रात रेल यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया. हाथियों की सुरक्षा और किसी भी संभावित दुर्घटना को टालने के लिए रेलवे ने इस पूरे सेक्शन में ट्रेनों की गति सीमित कर दी और कुछ समय के लिए परिचालन पूरी तरह रोकना पड़ा.
एलिफेंट मूवमेंट जोन में 40 की रफ्तार का आदेश
रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से केएलजी-केएक्सएन रेल सेक्शन को “एलिफेंट मूवमेंट जोन” घोषित कर दिया है. इसके तहत 10 मार्च की शाम 6:30 बजे से लेकर 11 मार्च की सुबह 6:30 बजे तक सभी ट्रेनों के लिए अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई. यह फैसला वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर लिया गया ताकि हाथियों को सुरक्षित रास्ता मिल सके.
हाथी ने तोड़ा फाटक, ठप रहा परिचालन
मंगलवार रात करीब 7:30 बजे एक हाथी ने एलसी गेट संख्या-216 (किमी 428/18-20) के बूम को टक्कर मारकर तोड़ दिया. इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से अप, डाउन और तीसरी लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया. तकनीकी मरम्मत और हाथियों के पटरी से दूर जाने के बाद रात 7:50 बजे से परिचालन पुनः सामान्य हो सका.
इन प्रमुख ट्रेनों के पहिए थमे
परिचालन प्रभावित होने के कारण अप दिशा में ट्रेन संख्या 08538 और 18175 को रास्ते में ही रोक दिया गया. वहीं, डाउन दिशा में ट्रेन संख्या 18126 (जीपी स्टेशन) और 18478 (एसएक्सएन स्टेशन) पर समय से काफी देरी से पहुंची. रेलवे कंट्रोल रूम से लगातार स्थिति की निगरानी की गई ताकि यात्री सुरक्षा के साथ समझौता न हो.
वन विभाग और रेलवे की साझा निगरानी
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हाथियों की सुरक्षा प्राथमिकता है. वर्तमान में वन विभाग और रेलवे की संयुक्त टीम इस पूरे रेल खंड पर गश्त कर रही है.