Jharkhand News: मनोहरपुर के पूर्व विधायक गुरुशरण नायक पर हुए हमले और उनके दो बॉडीगार्ड की हत्या मामले में एनआईए जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं. जांच एजेंसी के अनुसार इस हमले को छत्तीसगढ़ से जुड़े माओवादी दस्ते ने अंजाम दिया था. बताया गया है कि पूरी कार्रवाई माओवादियों की स्पेशल एक्शन टीम ने की थी, जिसका नेतृत्व तत्कालीन प्लाटून कमांडर अश्विन कर रहा था.
एनआईए की जांच में बीजापुर निवासी माओवादी संदीप उर्फ हिड़मा पोडियम की भूमिका भी सामने आई है. एजेंसी ने चाईबासा जेल में बंद संदीप को प्रोडक्शन वारंट पर रांची लाकर 7 से 14 अप्रैल तक रिमांड पर पूछताछ की. पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की बात कही जा रही है.
सूत्रों के मुताबिक हमले का नेतृत्व करने वाला प्लाटून कमांडर अश्विन भी अब पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
मामले में पूर्व माओवादी कुलदीप गंझू ने भी एनआईए को कई अहम जानकारियां दी हैं. बुढ़मू निवासी कुलदीप ने वर्ष 2020 में चाईबासा पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था और वर्तमान में हजारीबाग ओपन जेल में बंद है.
कुलदीप गंझू ने जांच एजेंसी को बताया कि हमले की साजिश माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा ने रची थी. उसने यह भी कहा कि अश्विन के दस्ते ने ही पूरी घटना को अंजाम दिया था. एनआईए कोर्ट में गवाही के दौरान उसने कई अन्य माओवादियों की भूमिका का भी उल्लेख किया है.
गौरतलब है कि 4 जनवरी 2022 को पश्चिम सिंहभूम के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के झिलरूआ गांव में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता में पूर्व विधायक गुरुशरण नायक मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे. इसी दौरान शाम करीब 5:45 बजे माओवादियों ने हमला कर दिया था.
इस हमले में बॉडीगार्ड ठाकुर हेंब्रम और शंकर नायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि रामकुमार टुडू घायल हो गए थे. घटना के बाद माओवादी पुलिसकर्मियों के दो इंसास राइफल और एक AK-47 हथियार लूटकर फरार हो गए थे.
घटना के अगले दिन मिसिर बेसरा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. बाद में 30 जून 2022 को एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ली थी.