Jamshedpur News: जमशेदपुर में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद कर दी है. झारखंड आंगनबाड़ी कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है. उनका कहना है कि कई बार मांग रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं की मुख्य मांग है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और इससे जुड़े सभी वैधानिक लाभ प्रदान किए जाएं। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें अब तक स्थायी कर्मचारी के रूप में मान्यता नहीं मिली है.
रिटायरमेंट पर 5 लाख रुपये देने की मांग
एसोसिएशन ने मांग की है कि सेवानिवृत्ति के समय सेविका और सहायिकाओं को कम से कम 5 लाख रुपये का एकमुश्त रिटायरमेंट लाभ दिया जाए। उनका कहना है कि लंबे समय तक सेवा देने के बाद भी उन्हें आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलती.
पेंशन और सहायता राशि की मांग
संघ ने यह भी मांग रखी है कि सेवानिवृत्त सेविका-सहायिकाओं को उनके मानदेय का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में दिया जाए.
इसके साथ ही यदि किसी कार्यकर्ता की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की जाए.
सेवानिवृत्ति आयु और भत्तों से जुड़ी मांगें
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने की भी मांग उठाई है।
इसके अलावा स्थानीय बाजार दर के अनुसार पोषाहार राशि देने और हर महीने 400 रुपये का मोबाइल रिचार्ज भत्ता देने की मांग भी की गई है, ताकि वे अपने कार्य को बेहतर तरीके से कर सकें.
FRS और नेटवर्क की समस्या
सेविका-सहायिकाओं का कहना है कि कई केंद्रों पर एफ एफआरएस (FRS) प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती, क्योंकि नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। इसके कारण लाभार्थियों को पोषाहार वितरण में दिक्कत होती है.
इसलिए उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर नेटवर्क व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
मांगें नहीं मानी गईं तो तेज होगा आंदोलन
संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा.