Jharkhand Vidhansabha: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन जल संसाधन विभाग के बजट पर चर्चा हुई. इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने शायरी और तंज के जरिए विपक्ष को घेरा. विधायक मंगल कालिंदी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्ष 2034 तक झारखंड एक विकसित राज्य बन जाएगा.
विधायकों के बीच शायराना अंदाज में बहस
चर्चा के दौरान मंगल कालिंदी और जिग्गा सुसारन होरो ने विपक्ष पर जमकर प्रहार किया. मंगल कालिंदी ने अजय बराज जलाशय योजना में नई नहर बनाने और सिंचाई सुविधाओं को बेहतर करने की मांग रखी. वहीं जिग्गा सुसारन होरो ने कहा कि विपक्ष का ध्यान हमेशा सरकार को अस्थिर करने पर रहता है, जबकि उन्हें जनहित के मुद्दों पर बात करनी चाहिए.
किसानों की अनदेखी और मुआवजे का सवाल
जयराम महतो ने सदन में किसानों का पक्ष मजबूती से रखा. उन्होंने कहा कि डैम बनाने के लिए किसानों की जमीनें तो ले ली गईं, लेकिन उन्हें पानी और सही मुआवजा आज तक नहीं मिला. उन्होंने चिंता जताई कि एक तरफ उद्योगपति समृद्ध हो रहे हैं और दूसरी तरफ किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं.
सिंचाई परियोजनाओं और जलाशयों की मांग
विधायक अरूप चटर्जी ने सुझाव दिया कि बड़े डैम के किनारे छोटे चेक डैम बनाए जाने चाहिए ताकि स्थानीय स्तर पर पानी का संचय हो सके. वहीं सुरेश पासवान ने पुनाशी और त्रिकुट जैसी योजनाओं को जल्द पूरा करने की वकालत की. उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में अगले 50 सालों तक हेमंत सोरेन की सरकार मजबूती से काम करेगी.
नदियों पर अवैध कब्जा और विधायकों की सुविधा
राजेश कच्छप ने स्वर्णरेखा और हरमू नदी के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि अतिक्रमण और अवैध जमीन कब्जे के कारण अपराध बढ़ रहे हैं. साथ ही उन्होंने झारखंड भवन में विधायकों को कम से कम दो कमरे आवंटित करने की मांग की, ताकि उन्हें वहां रहने में असुविधा न हो