Jharkhand Politics: झारखंड में पुलिस के लिए नई गाड़ियों की खरीद के फैसले पर सियासत गरमा गई है. भाजपा ने हेमंत सरकार के इस कदम को महज दिखावा बताते हुए तीखा हमला बोला है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि राज्य की बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था केवल नई गाड़ियां खरीदने से नहीं सुधरेगी. उनके अनुसार, इसके लिए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जमीनी स्तर पर काम करने के बजाय फोटो सेशन और प्रचार में ज्यादा दिलचस्पी ले रही है.
पीसीआर वैन और वसूली के आरोप
अजय साह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई इलाकों में पुलिस की पीसीआर वैन सुरक्षा देने के बजाय अवैध बालू और कोयला ले जाने वाले ट्रकों से वसूली में व्यस्त रहती हैं. उन्होंने सवाल किया कि जब व्यवस्था की नीयत पर ही सवाल हों, तो नए संसाधनों से जनता को क्या फायदा होगा.
अपराधियों के बढ़ते हौसले
राज्य में बढ़ते अपराध का जिक्र करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि धनबाद के एक व्यापारी को रंगदारी से तंग आकर राज्य छोड़ना पड़ा. राजधानी रांची में भी दिनदहाड़े गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान की धमकियों का उदाहरण देते हुए कहा कि अपराधियों के मन से पुलिस का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है.
जेल और पुलिस प्रशासन की स्थिति
अजय साह ने जेलों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जेल अब अपराधियों के लिए सजा का घर नहीं बल्कि वीआईपी सुविधाओं का अड्डा बन गए हैं. इसके अलावा, उन्होंने पुलिस अधिकारियों की पोस्टिंग और उनकी विश्वसनीयता पर भी उंगली उठाई. उनका मानना है कि जब तक पुलिस विभाग के भीतर की कमियां दूर नहीं होंगी, स्थिति नहीं सुधरेगी.
दिखावे की राजनीति बंद करने की सलाह
भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि वे पुलिस को आधुनिक बनाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन केवल 600 गाड़ियां खरीदकर सुरक्षा का दावा करना जनता को गुमराह करने जैसा है. उन्होंने हेमंत सरकार को सलाह दी कि वह वाहवाही लूटने की कोशिश छोड़ दे और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने पर ध्यान दे.