Jharkhand News: झारखंड की पुलिसिंग को आधुनिक और तेज बनाने के लिए शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा से करीब 1485 नए वाहनों के जत्थे को रवाना किया. इस बड़े बदलाव के बाद अब थानों में पुलिसकर्मियों को टूटी-फूटी और पुरानी गाड़ियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
गश्ती के लिए जिलों को मिलीं सैंकड़ों बोलेरो और बाइक
सरकार ने पुलिस विभाग को कुल 1485 वाहन सौंपे हैं, जिनमें से 636 महिंद्रा बोलेरो और 849 मोटरसाइकिलें शामिल हैं. यह पुलिस आधुनिकीकरण योजना के पहले चरण का हिस्सा है. इन नई गाड़ियों से अब शहरों और ग्रामीण इलाकों में पुलिस की गश्ती पहले से ज्यादा प्रभावशाली और तेज हो सकेगी.
12 जिलों में बनेंगे नए और मॉडर्न थाना भवन
गाड़ियों के साथ-साथ राज्य की बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती दी गई है. मुख्यमंत्री ने 12 अलग-अलग जिलों में हाईटेक थाना भवनों का शिलान्यास किया. इन भवनों की डिजाइन ऐसी होगी कि एक ही परिसर के भीतर पुलिस की चार अलग-अलग विशेष इकाइयां मिलकर काम कर सकेंगी.
किस शहर को मिली कितनी नई गाड़ियां
जिलों में गाड़ियों के बंटवारे की बात करें तो रांची को सबसे ज्यादा 80 गाड़ियां मिली हैं. इसके बाद जमशेदपुर को 51 और धनबाद-चाईबासा को 40-40 गाड़ियां आवंटित की गई हैं. बोकारो, गिरिडीह और पलामू जैसे जिलों को भी भारी संख्या में नई गाड़ियां दी गई हैं ताकि अपराध पर लगाम कसी जा सके.
जर्जर गाड़ियों के युग का अंत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का काम चुनौतीपूर्ण होता है और उनके पास बेहतर संसाधन होना जरूरी है. पुरानी गाड़ियों की वजह से काम में आने वाली रुकावटें अब दूर होंगी. इन आधुनिक सुविधाओं से न केवल पुलिस का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि आम जनता को भी त्वरित सुरक्षा और सहायता मिल सकेगी.