Jamshedpur News: जमशेदपुर के टेल्को कॉलोनी स्थित Vidya Bharati Chinmaya Vidyalaya में बाल विहार शिविर के अंतर्गत कक्षा चौथी और आठवीं के विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक और संस्कारमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर बच्चों ने आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया.
भक्ति और संस्कार से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ हुआ. इसके बाद विद्यार्थियों ने गीता पंचामृत, हनुमान चालीसा और भजनों का सामूहिक गायन प्रस्तुत किया, जिससे पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बन गया. इसके साथ ही एक नीतिपरक कथा के माध्यम से बच्चों को नैतिक मूल्यों और आदर्श जीवन की शिक्षा दी गई.
कृष्ण–सुदामा की कथा से मिला जीवन संदेश
कक्षा चौथी के विद्यार्थियों को शिक्षिकाओं द्वारा भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता की प्रेरणादायक कहानी सुनाई गई. इस कथा के जरिए सच्ची मित्रता, विनम्रता और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया गया.
समग्र विकास के लिए कराई गई गतिविधियाँ
चिन्मय विजन प्रोग्राम के तहत विद्यार्थियों के शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया. इनका उद्देश्य बच्चों में जागरूकता, अनुशासन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना रहा.
“अखंड भारत” गतिविधि बनी आकर्षण का केंद्र
कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित “अखंड भारत” गतिविधि विशेष आकर्षण रही. इसमें छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर “भारत” शब्द का निर्माण किया, जो एकता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बना. वहीं अन्य विद्यार्थियों ने पर्यावरण अनुकूल कागज से बने तिरंगे झंडों के साथ इस प्रस्तुति को और प्रभावशाली बनाया.
टीमवर्क और सहयोग का दिया संदेश
इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों में टीमवर्क, संवाद कौशल, सहयोग और आपसी विश्वास को मजबूत करने का प्रयास किया गया. बच्चों ने सामूहिक रूप से कार्य करते हुए उत्कृष्ट समन्वय और सहभागिता का प्रदर्शन किया.
आरती और प्रसाद वितरण के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन चिन्मय आरती और शांति पाठ के साथ हुआ. इसके बाद सभी विद्यार्थियों को प्रसाद वितरित किया गया. पूरे आयोजन के जरिए बच्चों में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया. विद्यालय की प्राचार्या ने विद्यार्थियों के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है.