Jamtara: जामताड़ा जिले में इन दिनों अवैध बालू खनन को लेकर प्रशासन और तस्करों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। उपायुक्त रवि आनंद के निर्देश के बाद जिला टास्क फोर्स लगातार अभियान चला रही है, जिससे इस अवैध धंधे में लगे लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।
तीन दिनों में दो बड़ी छापेमारी
पिछले कुछ दिनों में नाला विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन ने लगातार कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर अवैध बालू जब्त किया है। सोमवार को माइनिंग विभाग और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने महेशमुंडा और रूनाकूड़ा घाट क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान नदी से अवैध रूप से निकाले गए बालू को जंगल के अंदर छिपाकर रखा गया था।
भारी मात्रा में बालू बरामद
छापेमारी के दौरान लगभग 15 हजार क्यूबिक फीट बालू बरामद किया गया। बालू की मात्रा इतनी अधिक थी कि उसे सुरक्षित स्थान तक ले जाने के लिए कई जेसीबी मशीनों और दर्जनों हाईवा वाहनों का उपयोग करना पड़ा।
स्कूल के पास भी मिला अवैध भंडारण
इससे पहले शनिवार को बिन्दापाथर थाना क्षेत्र के तुम्बाबेला इलाके में भी कार्रवाई की गई थी। यहां एक सरकारी विद्यालय के नजदीक करीब 9 हजार क्यूबिक फीट बालू अवैध रूप से जमा पाया गया। प्रशासन ने इसे जब्त करते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कानून की अनदेखी कर जारी है धंधा
प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति बालू का भंडारण करना खनन कानूनों का उल्लंघन है। इसके बावजूद माफिया रात के समय सक्रिय होकर बड़े पैमाने पर बालू की तस्करी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार यह अवैध बालू पड़ोसी राज्यों तक भेजा जा रहा है।
माफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी
लगातार हो रही कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासन अब इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए गंभीर है। टास्क फोर्स की सक्रियता से आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।