Railway News: दक्षिण पूर्व रेलवे ने टाटानगर जैसे मॉडल स्टेशनों की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई रणनीति तैयार की है. रेलवे ने अब स्टेशनों की निगरानी के लिए एक समर्पित विभाग ईएनएचएम (Environment And Housekeeping Management) का गठन किया है. इस नए बदलाव के तहत, टाटानगर समेत अन्य प्रमुख स्टेशनों पर स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा की सीधी निगरानी अब मंडल और जोनल स्तर की विशेष टीमें करेंगी.
नए विभाग के जिम्मे होगी कमान
पूर्व में स्टेशनों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी कमर्शियल और हेल्थ डिपार्टमेंट के संयुक्त नियंत्रण में होती थी. हालांकि, कार्यक्षमता और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से रेलवे ने इस व्यवस्था को एकीकृत करते हुए ईएनएचएम विभाग को सौंप दिया है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को स्टेशनों पर पहले से बेहतर, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है.
मंडल और जोनल स्तर पर बनेगी टीम
जानकारों के अनुसार, स्वच्छता मानकों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए रेलवे जोन और मंडल स्तर पर अधिकारियों की टीम तैनात करने जा रहा है. यह टीमें समय-समय पर स्टेशनों का औचक निरीक्षण करेंगी और सफाई कार्य में लगी एजेंसियों के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगी. इससे न केवल जवाबदेही तय होगी, बल्कि यात्रियों की शिकायतों का निस्तारण भी त्वरित गति से संभव हो सकेगा.
पर्यावरण सुरक्षा पर विशेष जोर
नया विभाग स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के पहलुओं पर भी काम करेगा. रेलवे की योजना है कि स्टेशनों को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और कचरा प्रबंधन के आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाया जाए. टाटानगर जैसे व्यस्त स्टेशनों पर इस नई व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलने की उम्मीद है.