Jamshedpur News: जमशेदपुर की पॉक्सो विशेष अदालत ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए समाज के लिए एक नजीर पेश की है. विशेष न्यायाधीश विमलेश कुमार सहाय की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी सौरभ कुमार प्रधान को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. वर्तमान में घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंद दोषी को अब अपनी सजा का लंबा समय सलाखों के पीछे ही बिताना होगा. इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है, जिसे जमा न करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
यह मामला वर्ष 2024 का है, जब घटना के तुरंत बाद पीड़िता के परिजनों ने साहस दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्परता दिखाई और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. तब से ही आरोपी सौरभ जेल में न्यायिक हिरासत में था. इस फैसले को पुलिस के प्रभावी अनुसंधान और त्वरित अदालती प्रक्रिया की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है.
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष बेहद ठोस और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए. सजा का मुख्य आधार पीड़िता के अदालत में दिए गए निडर बयान को माना गया है. इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट के तकनीकी पहलुओं और अनुसंधान पदाधिकारी की पुख्ता गवाही ने आरोपी का अपराध सिद्ध करने में अहम भूमिका निभाई. अदालत ने सभी साक्ष्यों के अवलोकन के बाद सौरभ कुमार प्रधान को दोषी करार देते हुए सजा मुकर्रर की.