Jharkhand News: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की महिलाओं और वंचित समाज के लिए बड़ी घोषणाओं की झड़ी लगा दी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि "मंईयां सम्मान योजना" केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में पहला कदम है. उन्होंने घोषणा की कि राज्य की महिलाओं को अब "मंईयां उद्यमी योजना" और "मंईयां बलवान योजना" के माध्यम से सशक्त बनाया जाएगा. इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ करना है.
20 हजार करोड़ का हुआ सीधा हस्तांतरण
सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 50 लाख से अधिक महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना का लाभ मिल चुका है और लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार ने सबसे बड़ा बजट महिलाओं और बच्चियों के लिए ही रखा है. इस वर्ष भी महिला सशक्तीकरण पर 34 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है. सीएम ने जोर देकर कहा कि "महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली शक्ति बन चुकी हैं."
शिक्षा और रोजगार के लिए ग्लोबल पार्टनरशिप
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए "नॉलेज कॉरिडोर" बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसके लिए यूनाइटेड किंगडम (UK) के साथ साझेदारी की जाएगी. "मरांग गोमके ओवरसीज स्कॉलरशिप" के तहत अब राज्य के 50 युवाओं को यूके के 30 प्रतिष्ठित संस्थानों में मास्टर्स की पढ़ाई के लिए भेजा जाएगा. इसके अतिरिक्त, ऑक्सफोर्ड के सेंट जॉन कॉलेज के साथ पीएचडी के लिए विशेष समझौता और "गुरुजी सस्टेनेबल पीएचडी स्कॉलरशिप" के माध्यम से हर साल 10 युवाओं को लंदन में रिसर्च के लिए सहयोग प्रदान किया जाएगा.
इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड और प्रवासियों के लिए सुरक्षा कवच
राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए "झारखंड इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड" के गठन की घोषणा की गई है. यह बोर्ड खनिज, निवेश और नॉलेज सेक्टर में कार्य करेगा. साथ ही, 2028 तक पांच नए "इको टूरिज्म डेस्टिनेशन" विकसित किए जाएंगे. प्रवासी श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री ने "प्रवासी भारतीय फाउंडेशन" बनाने और खाड़ी देशों व लंदन में सहायता केंद्र खोलने का ऐलान किया. उन्होंने केंद्र सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि "मनरेगा का 1000 करोड़ बकाया होने के बावजूद राज्य अपने सीमित संसाधनों में असंभव को संभव कर रहा है."
केंद्र पर तीखा हमला और सामाजिक सौहार्द का संकल्प
अपने भाषण के दौरान हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने ईडी और सीबीआई के बढ़ते दखल तथा सीआरपीएफ को पुलिस की शक्ति देने के प्रस्ताव की आलोचना की. उन्होंने असम और मणिपुर के वंचितों की आवाज उठाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि "झारखंड की आवाज दबे-कुचले लोगों के लिए हमेशा बुलंद रहेगी." मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान उपद्रव फैलाने वाली ताकतों को चेतावनी देते हुए कहा कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश का जवाब मजबूती से दिया जाएगा.