Dumka ACB Action: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की दुमका टीम ने एक सुनियोजित कार्रवाई में साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड में पदस्थापित ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (बीएसओ) निरंजन कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब एक जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) डीलर ने लगातार की जा रही अवैध मांग से परेशान होकर एसीबी से शिकायत की।
राशन व्यवस्था के नाम पर हो रही थी अवैध वसूली
शिकायत में डीलर ने आरोप लगाया कि बीएसओ निरंजन कुमार राशन वितरण, स्टॉक क्लियरेंस और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुचारू रखने के नाम पर नियमित रूप से पैसे की मांग करते थे। आरोप है कि काम में बाधा उत्पन्न करने और लाइसेंस संबंधी समस्याएं खड़ी करने की धमकी देकर उनसे रकम वसूली जा रही थी।
जांच के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गुप्त जांच शुरू की। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक विशेष ऑपरेशन तैयार किया। पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए एक जाल बिछाया गया।
पैसे लेते ही दबोचा गया अधिकारी
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार, गुरुवार को डीलर ने बीएसओ को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये सौंपे। जैसे ही आरोपी ने पैसे अपने कब्जे में लिए, पहले से तैनात एसीबी टीम ने मौके पर धावा बोलकर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय सभी जरूरी साक्ष्य भी जुटाए गए।
कानूनी प्रक्रिया शुरू, और खुलासे की उम्मीद
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसीबी यह भी जांच कर रही है कि इस अवैध वसूली में कोई और अधिकारी या कर्मचारी शामिल तो नहीं है।
प्रशासन में पारदर्शिता पर जोर
इस कार्रवाई को सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। एसीबी अधिकारियों ने कहा कि आम लोगों से जुड़े विभागों में पारदर्शिता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और इस तरह की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
आम जनता से अपील
एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी सरकारी कार्यालय में उनसे अवैध रूप से पैसे की मांग की जाती है, तो वे बिना डर के इसकी सूचना दें। ऐसे मामलों में शिकायत करने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाती है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।