Unemployment: देशभर में बेरोजगारी की समस्या काफी गंभीर होती जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 1.1 करोड़ ग्रेजुएट युवा बेरोजगार हैं और लगभग 40% युवाओं को नौकरी नहीं मिल पा रही है।
सिर्फ 7% युवाओं को एक साल में मिलती है पक्की नौकरी
अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 20 से 29 साल के करीब 6.3 करोड़ ग्रेजुएट हैं, जिनमें से बहुत सारे युवा नौकरी की तलाश में हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि बेरोजगार के तौर पर नाम दर्ज कराने के बाद भी सिर्फ 7% युवाओं को ही एक साल के अंदर पक्की नौकरी मिल पाती है।
ग्रेजुएट्स बढ़े लेकिन रोजगार के मौके उतने नहीं बढ़े
रिपोर्ट में बताया गया है कि पढ़े-लिखे युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन नौकरी के मौके नहीं बढ़े। 15 से 25 साल के ग्रेजुएट्स में बेरोजगारी करीब 40% है, जबकि 25 से 29 साल वालों में ये करीब 20% है।
हालांकि, ग्रेजुएट युवाओं की कमाई नॉन-ग्रेजुएट्स के मुकाबले लगभग दोगुनी होती है, लेकिन 2011 के बाद से उनकी सैलरी में बढ़ोतरी नहीं हुई है।
लड़कियों की पढ़ाई में बढ़त
एक और बात ये सामने आई है कि अब लड़कों के मुकाबले लड़कियां ज्यादा पढ़ाई कर रही हैं, इसका कारण ये है कि कई लड़के जल्दी काम ढूंढने लगते हैं ताकि घर की जिम्मेदारी संभाल सकें।
शिक्षित युवाओं की संख्या बढ़ी लेकिन नौकरी के मौके नहीं
अच्छी बात ये है कि अब गरीब परिवारों के बच्चे भी पहले से ज्यादा कॉलेज जा रहे हैं। लेकिन महंगे कोर्स जैसे इंजीनियरिंग और मेडिकल में अभी भी ज्यादातर अमीर परिवारों के बच्चे ही पढ़ पाते हैं।
कुल मिलाकर, पढ़ाई करने वाले युवाओं की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन उनके लिए नौकरी के मौके उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहे, जिससे बेरोजगारी की समस्या और बढ़ती जा रही है।